व्हीलचेयर क्रिकेट फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नई कार्यकारिणी का किया गठन, राष्ट्रीय विस्तार की रूपरेखा घोषित

व्हीलचेयर क्रिकेट फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नई कार्यकारिणी का किया गठन, राष्ट्रीय विस्तार की रूपरेखा घोषित

Wheelchair Cricket Federation of India

Wheelchair Cricket Federation of India

चंडीगढ़, 21 मार्च: Wheelchair Cricket Federation of India, व्हीलचेयर क्रिकेट फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूसीएफआई) ने अपनी संस्थापक रेखा त्रिवेदी के निधन के बाद नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा की है। इस संबंध में शनिवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में गवर्निंग बॉडी मीटिंग (जीबीएम) आयोजित की गई, जिसमें संगठन के नए नेतृत्व को औपचारिक रूप दिया गया और खेल के राष्ट्रीय विस्तार के लिए रणनीतिक दृष्टि प्रस्तुत की गई।


नई कार्यकारिणी का गठन
नई संरचना के तहत कविता रावत को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ डॉ. ओम नेताम उपाध्यक्ष, डॉ. विवेक त्रिवेदी महासचिव और बलबीर सिंह कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। नई कार्यकारिणी को रेखा त्रिवेदी की विरासत को आगे बढ़ाने के साथ संगठन के आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Wheelchair Cricket Federation of India
Wheelchair Cricket Federation of India Constitutes New Executive Body


समावेशी विकास की सोच
अध्यक्ष कविता रावत ने कहा कि उनका लक्ष्य व्हीलचेयर क्रिकेट को केवल कुछ लोगों तक सीमित न रखकर एक जन-आंदोलन बनाना है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों (पीडब्ल्यूडी) तक इस खेल को देश के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि हर इच्छुक खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।


रणनीतिक रोडमैप और विस्तार योजना

  • बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के लिए कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमे विभिन्न राज्यों में नई राज्य इकाइयों की स्थापना
  • धन संग्रह एवं कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), तकनीकी मानक, वित्त एवं लेखा, और इवेंट प्रबंधन के लिए विशेष समितियों का गठन
  • संगठन के प्रशासनिक कार्यों के लिए नए मुख्य कार्यालय की स्थापना
  • पारदर्शिता और डिजिटल जुड़ाव के लिए नए वेब पोर्टल की शुरुआत

आठ राज्यों के प्रतिनिधि हुए शामिल
बैठक में गुजरात, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, कश्मीर, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा सहित आठ राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
फेडरेशन का उद्देश्य देशभर में व्हीलचेयर क्रिकेट को बढ़ावा देना और शारीरिक रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है।