विक्रमशिला सेतु संकट: बीच गंगा में नाव का ईंधन खत्म होने से मची चीख-पुकार; घंटों फंसी रही यात्रियों की जान
Vikramshila Bridge Crisis: Panic Erupts as Boat Runs Out of Fuel Mid-Ganges
भागलपुर। भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के कुछ हिस्से के गंगा में गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गंगा घाटों से नाव सेवा शुरू की गई है, लेकिन बीच रास्ते नाव के फंसने की घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई।
पुल टूटने से यातायात व्यवस्था चरमराई
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। लोग अब अन्य मार्गों और वैकल्पिक साधनों से यात्रा करने को मजबूर हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गंगा घाटों से नाव सेवा शुरू कर दी है, ताकि लोगों को आवागमन में कुछ राहत मिल सके।
महादेवपुर-बरारी घाट रूट पर नाव सेवा
गंगा नदी में महादेवपुर घाट से बरारी घाट के बीच नाव सेवा संचालित की जा रही है। सूचना के अनुसार, एक नाव देर शाम सुरक्षित रूप से महादेवपुर घाट पहुंची, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली। नाव पर सवार एक महिला यात्री ने पूरी घटना की पुष्टि की।
बीच धारा में फंसी नाव, यात्रियों में दहशत
बताया जा रहा है कि यह नाव शाम करीब साढ़े चार बजे रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान नाव का ईंधन समाप्त हो जाने के कारण वह बीच गंगा धारा में फंस गई। इसी दौरान मौसम में बदलाव और आंधी-तूफान की आशंका से यात्रियों और उनके परिजनों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि बाद में नाव सुरक्षित रूप से घाट पर पहुंच गई।
शिक्षकों की दिनचर्या भी प्रभावित
पुल क्षतिग्रस्त होने का असर आम लोगों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों पर भी दिख रहा है। खासकर शिक्षकों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है। नवगछिया क्षेत्र के स्कूलों में जाने वाले शिक्षक अब पहले की तुलना में अधिक समय लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं। इस्माइलपुर के एक विद्यालय में तैनात शिक्षक डीएस रंजन ने बताया कि पहले जहां वह एक घंटे में स्कूल पहुंच जाते थे, अब नाव के सहारे उन्हें लगभग दो घंटे लग रहे हैं।
प्रशासन से मरम्मत की मांग
प्रभावित शिक्षकों और अन्य कर्मियों ने जिला प्रशासन से विक्रमशिला सेतु की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक पुल पूरी तरह दुरुस्त नहीं होगा, तब तक आवागमन की समस्या बनी रहेगी और जनजीवन प्रभावित होता रहेगा।