उत्तराखंड ग्रामीण बैंक घोटाला: तत्कालीन शाखा प्रबंधक को 4 साल की जेल; 12 दोषियों को CBI कोर्ट ने सुनाई सजा
Uttarakhand Gramin Bank Scam
देहरादून: Uttarakhand Gramin Bank Scam, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की बाजपुर शाखा में करोड़ों के ऋण घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत में शाखा प्रबंधक सहित 12 दोषियों को अलग-अलग सजा सुनाई है। सीबीआई की विशेष अदालत ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक के राम अवतार सिंह दिनकर को 4 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जबकि अन्य आरोपियों को एक-एक साल की कैद और जुर्माना भरने की सजा दी गई है। इन सभी दोषियों को बैंक के साथ ऋण के नाम पर धोखाधड़ी करने और भ्रष्टाचार का दोषी ठहराय गया है।
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के प्रधान कार्यालय के महाप्रबंधक सत्यपाल सिंह ने 19 जून 2018 को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान पाया गया कि वर्ष 2014-15 में उधम सिंह नगर बाजपुर शाखा के प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर ने निजी ट्रैक्टर डीलर मैसर्स केजीएन ट्रैक्टर्स के साथ मिलकर इस षड्यंत्र को अंजाम दिया था।
बैंक के दिशा निर्देश का उल्लंघन
इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों ने बैंक के दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर कृषि मशीनरी की वास्तविक खरीद किए बिना ही केसीसी और कृषि सावधि ऋण फर्जी तरीके से स्वीकृत और वितरित कर दिए। जिसकी वजह से बैंक को 3.39 करोड़ की हानि हुई। मामले में सीबीआई ने 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन मुकदमे के दौरान दो आरोपियों दफ्तर सिंह और कश्मीर सिंह की मृत्यु हो गई। जबकि तीन आरोपियों मोहम्मद फुरकान, इरशाद और इमामुद्दीन ने पहले ही अपना जुर्म कबूल कर लिया था।
इन आरोपियों को सजा
वहीं, अब 12 आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने सजा सुनाई है। इनमें से तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम साजिश और धोखाधड़ी के तहत 4 वर्ष की कठोर कारावास की सजा और 20,000 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। इसके अतिरिक्त दो अन्य धाराओं में 15,000-15,000 के जुर्माने के साथ 1 वर्ष की कारावास की सजा भी सुनाई गई है। जुर्माना न भरने की एवज में 1 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, अन्य दोषियों राम सिंह, हरजीत सिंह, दीवान सिंह, हरदत सिंह, जसवीर सिंह, बलकार सिंह, पुरनचंद, दीदार सिंह, महेश कुमार, गुरदीप सिंह और सोना सिंह को साजिश और धोखाधड़ी करने में एक-एक वर्ष का कठोर कारावास और 15,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है।
इस नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं
जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को 1 से 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं सीबीआई ने आम जनता से अपील की है कि यदि केंद्र सरकार के किसी भी विभाग या सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी रिश्वत मांगते हैं तो सीबीआई एसीबी देहरादून के मोबाइल नंबर 9410549158 और 7060366445 पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।