लावारिस कार, अंदर दारोगा की लाश और सीने पर खून... लखनऊ में रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
Daroga's Dead Body found in a Car
Daroga's Dead Body found in a Car: यूपी के लखनऊ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां दो दिन से लापता दारोगा का शव शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी कार में पड़ा मिला। ड्यूटी पर न पहुंचने और कॉल रिसीव न करने पर अनहोनी की आशंका के बाद जब पुलिसकर्मियों ने दारोगा की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन के आधार पर पहुंची मोहान रोड सड़क किनारे खड़ी कार में दारोगा का शव पड़ा देखा। अंदर से लॉक कार का शीशा तोड़कर शव निकाला गया। दो दिन से कार में पड़े रहने की वजह से शव फूल गया था। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी है।
पारा इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि मूल रूप से हापुड़ के रहना वाले अजय कुमार 2020 बैच के दारोगा थे। वह पारा के नरपत खेड़ा में पत्नी कोमल और दो बेटों सार्थक (5), आद्विक (4) के साथ किराये के मकान में रहते थे। नियुक्ति के बाद पहली पोस्टिंग पारा थाने में हुई थी। तीन साल तक क्राइम टीम में काम करने के बाद वर्तमान में गाजीपुर थाने की सर्वोदय नगर चौकी में तैनात थे। अजय बुधवार रात ड्यूटी से घर वापस आये थे। गुरुवार को ड्यूटी पर न पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने कॉल किया। रिंग जाती रही, लेकिन कॉल नहीं रिसीव हुई।
लोकेशन ट्रेस कर पहुंची पुलिस
लगातार दो दिन फोन रिसीव न होने पर पुलिस वालों को अनहोनी का शक हुआ। मोबाइल की ट्रेस करने पर लोकेशन पारा के मोहान रोड पर दिखी। इस पर सर्वोदय नगर चौकी इंचार्ज सचिन कौशिक साथी पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे, जहां सड़क के किनारे अजय की कार खड़ी दिखी। कार में संदिग्ध परिस्थितियों में शव पड़ा देख बुद्धेश्वर चौकी इंचार्ज विनय पटेल ने कार का शीशा तोड़कर शव को बाहर निकाला। उधर, सूचना मिलने पर काकोरी एसीपी शकील अहमद भी घटनास्थल पहुंचकर जांच पड़ताल की।
उन्होंने बताया कि अर्श हॉस्पिटल पर लगे सीसीटीवी में गुरुवार सुबह 11:12 मिनट पर हॉस्पिटल के सामने कार झटके लेकर रुकी थी। कार से कोई उतरा, न कोई चढ़ा। शव को देखकर लग रहा था कि दम घुटने से मौत हुई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद मौत की सही वजह पता चलेगी। दारोगा अजय की नाक से खून बहा हुआ था, जो कि अजय की टीशर्ट और हाथ पर फैला था। शरीर फूलने के साथ चेहरा काला पड़ गया था। कार की चाबी भी ऑन मोड में अंदर से लॉक थी। पिछली सीट पर कैप और जांच रिपोर्ट पड़ी हुई थी।
पांच साल से किराये के मकान में दारोगा
मकान मालिक जितेंद्र ने बताया कि अजय पांच साल से किराये पर रह रहे थे। 25 दिन पहले पत्नी बच्चों को लेकर हापुड़ स्थित ससुराल चली गई थी। अजय गुरुवार सुबह छह बजे कार से निकले थे। मोबाइल भी बंद था। पत्नी ने चौकी इंचार्ज सचिन कौशिक को कॉल किया। मोबाइल बंद होने पर पुलिस ने तलाश शुरू की थी। पति की मौत की खबर मिलने पर पत्नी कोमल बेसुध हो गई।