अयोध्या राम मंदिर दान चोरी; अब 8 लोग गिरफ्तार: FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू, 23 जून को SIT ने ACS होम को जांच रिपोर्ट सौंपी

Ayodhya Ram Mandir 8 Accused Arrested Over Donation Scam SIT Report

Ayodhya Ram Mandir 8 Accused Arrested Over Donation Scam SIT Report

Ram Mandir 8 Accused Arrested: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों और आभूषणों के घपले के मामले में FIR दर्ज कर कार्रवाई तेज हो गई है। मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले अयोध्या पुलिस ने मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों को अपनी कस्टडी में लिया था। इस दौरान आरोपियों से पूछताछ की जाती रही। वहीं अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी और रिमांड मांग सकती है। कानूनी तौर पर इन सबका मेडिकल भी कराया जाएगा।

कौन हैं राम मंदिर के वो 8 आरोपी, जो गिरफ्तार हुए

जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर दान चोरी मामले में जिन आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, इनमें रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव,  सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव, और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। बताया जाता है कि ये सभी राम मंदिर में दान और चढ़ावे की रकम की काउंटिंग और उसके मैनेजमेंट (हिसाब-किताब) से जुड़े हुए थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में से ज़्यादातर कैशियर हैं। राम मंदिर दान चोरी मामले में जांच लगातार जारी है, और लोगों पर भी कार्रवाई होते हुए देखी जा सकती है।

23 जून को SIT ने ACS होम को जांच रिपोर्ट सौंपी

गौरतलब है कि इससे पहले 23 जून को राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के लिए गठित 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी थी. एसआईटी द्वारा विभिन्न स्तरों पर अब तक की गई जांच की यह प्रारंभिक रिपोर्ट थी। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई शुरू हुई और एफ़आईआर दर्ज कर नामजद 8 लोगों की गिरफ्तारी की गई. फिलहाल एसआईटी के यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी। बता दें कि राम मंदिर में चोरी का मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील बना हुआ है।

योगी ने कहा था- अपराधी कोई भी हो वो बचेगा नहीं

सीएम योगी ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाया हुआ है और खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। बीते दिनों सीएम योगी ने अयोध्या में ही एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि SIT की जांच पर भरोसा रखिए। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। उन्होंने यह भी साफ तौर से कहा था कि अगर कोई अपराधी है और वो कोई भी होगा तो वह बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है। योगी जिस वक्त ये बयान दे रहे थे, उस दौरान एसआईटी की टीम भी अयोध्या में मौजूद थी और दान के दस्तावेजों, बैंक जमा रिकॉर्ड और ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर मौके पर जायजा ले रही थी।

FIR दर्ज हो गई है, कड़ी कार्रवाई होगी- डिप्टी CM पाठक

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले में FIR दर्ज होने पर कहा, "पूरे प्रकरण को सरकार ने गंभीरता से लिया है। FIR दर्ज हो गई है। जो भी दोषी होंगे उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।'' वहीं राम मंदिर दान चोरी मामले में एफ़आईआर दर्ज होने और एक्शन शुरू होने पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, "यह योगी जी की सरकार है और इस सरकार में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस का नारा शुरु से दिया गया है। उसी के अनुरूप कार्रवाई भी रही है। राम मंदिर के मामले में कहीं भी कोई दोषी नहीं बचेगा। जिसने भी गड़बड़ की होगी, उसको जरूर सजा मिलेगी।

बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा बोले- 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने अयोध्या राम मंदिर मामले में FIR दर्ज होने पर कहा, "विपक्ष के पास केवल आरोप लगाने का काम है। विपक्ष श्री राम जन्मभूमि मंदिर को बदनाम करना चाहता है। लेकिन इस पूरे मामले में FIR दर्ज की गई है और 8 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। इसके अलावा और जिसके खिलाफ सबूत मिलेंगे उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मैं समझता हूं कि इससे ज्यादा निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई हो नहीं सकती है।"

राम मंदिर में कैसे हुआ चढ़ावा चोरी?

अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों और आभूषणों के घपले को लेकर मामला काफी ज्यादा गरमाया हुआ है। आरोप है कि दान और चढ़ावे में आए करोड़ों रुपये मंदिर में लगे कुछ कर्मचारियों द्वारा ही हेरफेर कर गायब किए गए। इस मामले ने पूरे देश को सकते में ला दिया है। यह मामला सिर्फ मंदिर में दान चोरी का नहीं है बल्कि देश के लोगों की भावना, आस्था और श्रद्धा की भी चोरी है। प्रभु राम पर आस्था रखने वाले करोड़ों हिंदुओं पर आघात है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राम मंदिर से चढ़ावे के करोड़ों रुपये गायब किए गए। इसके अलावा श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए सोने, चांदी और हीरे के असली आभूषणों को नकली वस्तुओं से बदल दिया गया।

आरोप- CCTV कैमरों में गड़बड़ी की गई

आरोप है कि दान के पैसों और आभूषणों की सुरक्षा में भारी सेंधमारी की गई। सुरक्षा के लिए जो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। उनमें जानबूझकर गड़बड़ी की गई। सीसीटीवी कैमरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी और पिछले कुछ महीनों के फुटेज डिलीट कर दिए गए थे ताकि चोरी पकड़ी न जा सके। फिलहाल कई मंदिर कर्मचारी SIT की रडार पर हैं और जांच की जा रही है। लेकिन इस पूरे मामले ने देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था को झकझोर कर रख दिया है। सबसे बड़ा सवाल है कि कोई भगवान के घर पर चोरी कैसे कर सकता है?