उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़े फेरबदल की तैयारी, डीजी स्तर के कई पद खाली होने से प्रशासनिक संतुलन पर असर
Uttar Pradesh Police is preparing for a major reshuffle
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के शीर्ष ढांचे में रिक्त पदों और लगातार हो रही सेवानिवृत्तियों ने बड़े प्रशासनिक फेरबदल की पृष्ठभूमि तैयार कर दी है। डीजी रैंक के कई अहम पद फिलहाल रिक्त हैं, जबकि पदोन्नत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों का इंतजार है। नतीजतन अगले दो से तीन माह में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
ताजा स्थिति डीजी नीरा रावत के सेवानिवृत्त होने के बाद बनी है। उनके कार्यमुक्त होने से आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और आपातकालीन सेवा 112 के दोनों शीर्ष पद रिक्त हो गए हैं। हालांकि कानपुर जोन के एडीजी आलोक सिंह को डीजी पद पर पदोन्नत किया गया है, जिससे शीर्ष स्तर पर नए सिरे से तैनाती का दबाव बढ़ गया है।
तीन अधिकारी अभी भी अपने पुराने पदों पर कार्यरत
मार्च में प्रकाश डी, जय नारायण सिंह और एलवी एंटनी देव कुमार को डीजी रैंक पर पदोन्नत किया गया था, लेकिन उन्हें अभी तक नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। तीनों अधिकारी अभी भी अपने पुराने पदों पर कार्यरत हैं। वहीं कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली पड़े हैं।
डीजी होमगार्ड, डीजी इंटेलिजेंस का पद भी रिक्त है। इसके अलावा डीजी रेणुका मिश्रा जुलाई 2024 से पुलिस मुख्यालय से संबद्ध हैं और उन्हें अब तक कोई नई तैनाती नहीं मिली है। सूत्रों के मुताबिक सरकार मई में इन रिक्त पदों को भरने का निर्णय ले सकती है।
अगले माह सेवानिवृत्त होंगे दो और वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी
कम से कम दो डीजी रैंक के अधिकारियों को प्रमुख जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना है। एलवी एंटनी देव कुमार मई और डीजी आलोक शर्मा जून में सेवानिवृत्त होंगे, जबकि एडीजी मुथा अशोक जैन को डीजी पद पर पदोन्नति मिल सकती है, लेकिन उनका कार्यकाल भी अगस्त तक ही है।
इसके बाद लखनऊ के सीपी अमरेंद्र सिंह सेंगर भी पदोन्नति की दौड़ में प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि लगातार हो रही सेवानिवृत्तियों, लंबित पदोन्नतियों और रिक्त पदों के कारण व्यापक स्तर पर प्रशासनिक संतुलन जरूरी है।