यूपी भाजपा में 'समायोजन' की तैयारी: निगम, आयोग और बोर्डों में रिक्त पदों पर जल्द होगी नियुक्तियां
UP BJP prepares for 'adjustment': Vacant positions in corporations
लखनऊ। UP BJP prepares for 'adjustment': चुनावी वर्ष में जिला कार्यकारिणी बन गई और मंत्रिमंडल का विस्तार भी कर दिया गया। अब पुराने भाजपाइयों की नजर निगम, आयोग एवं बोर्ड में समायोजन पर टिकी है, जिसमें बड़ी संख्या में पद खाली हैं। प्रदेश इकाई ने ऐसे अनुभवी और जमीनी कार्यकर्ताओं का नाम सूची में शामिल किया है, जो जातीय एवं क्षेत्रीय समीकरण पर भी फिट हैं।
माह के अंत तक प्रदेश पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों की सूची जारी करने के अलावा निगम, आयोग एवं बोर्ड में खाली पड़े पदों को भी भरने की योजना है। नामों की सूची बनाई जा रही है।
भाजपा ने मार्च में नगरीय निकायों में 2802 पार्षदों की नियुक्ति की। पार्टी ने इसी के साथ निगम, आयोग, बोर्ड, प्राधिकरण एवं समितियों में रिक्त पदों भरने के लिए जिला इकाइयों से नाम मांगा। क्षेत्रीय टीम और प्रदेश इकाई ने भी नामों पर मंथन शुरू किया, लेकिन इस बीच कार्यक्रमों और अभियानों की वजह से सूची नहीं बन सकी। दीन दयाल उपाध्याय प्रशिक्षण कार्यशालाएं शुरू हो गईं।
पार्टी जिला इकाइयों को गठित करने में जुट गई। सभी छह क्षेत्रों से जिला अध्यक्षों एवं जिला प्रभारियों को लखनऊ बुलाकर जिलों की टीमें बनाने में माहभर का समय लगा। नारी शक्ति वंदन अभियान एवं महिला आक्रोश पदयात्राओं एवं जनसभाओं में पार्टी व्यस्त रही।
अब प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार करने के बाद पार्टी ने निगम, आयोग एवं बोर्डों में समायोजन की प्रक्रिया तेज कर दिया है। संगठन एवं सरकार में जिन जातियों का प्रतिनिधित्व कमतर रह गया है या नहीं हो पाया, उसकी भरपाई पार्टी समायोजन से करेगी।
इसमें पूर्व जिलाध्यक्षों, क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं पूर्व विधायकों को जातिगत समीकरण के आधार पर वरीयता मिल सकती है। प्रदेश मोर्चों में लंबे समय से पदाधिकारी रहने वाले चेहरों को भी प्राथमिकता के आधार पर समायोजित करने की योजना है।