यूपी बीजेपी में 'मिशन 2027' की हलचल: सीएम योगी के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दिल्ली में, शाह से मुलाकात आज
UP BJP in the news for 'Mission 2027': After CM Yogi
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब भाजपा शीर्ष नेतृत्व का फोकस 2027 में होने वाले विधानसभी चुनाव पर है। इसको लेकर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व लगातार प्रदेश सरकार और सगंठन से वार्ता कर रहा है। इसी क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ के बाद अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दिल्ली पहुंचे है।
भाजपा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन के अन्य बड़े ओहदेदारों से मुलाकात संभव है। अमित शाह और नितिन नबीन से गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुलाकात की थी।
पंकज चौधरी की शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नबीन से मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश में भाजपा की नयी टीम पर चर्चा संभव है। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों को विभाग आवंटन और कुछ पुराने के विभागों में फेरबदल पर भी चर्चा हो सकती है।
इससे पहले गुरुवार को लखनऊ में यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव का रोडमैप तैयार किया गया। इसमें बूथ और मंडल समितियों की मजबूती पर भी जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को धार देने के लिए भाजपा प्रदेश कार्यालय में संपन्न एक महत्वपूर्ण बैठक में अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ सभी वरिष्ठ पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और क्षेत्रीय प्रभारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन को जमीनी स्तर पर अभेद्य बनाना रहा।
सत्यापन और संगठन पर जोर
बैठक के दौरान बूथ, मंडल और शक्तिकेंद्र समितियों के भौतिक सत्यापन पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संगठन की मजबूती के लिए हर स्तर पर समितियों का सक्रिय होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में जीत की नींव इन्हीं समितियों के मजबूत सत्यापन पर टिकी है।
‘बूथ जीता, तो चुनाव जीता’
मिशन 2027 के लिए रोडमैप साझा करते हुए पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को ‘हर बूथ पर जीत’ का लक्ष्य दिया। विशेष रूप से उन बूथों को चिन्हित किया गया है जहाँ पिछले चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था। इन ‘कमजोर बूथों’ को अभेद्य किले में बदलने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है।
विपक्ष को घर-घर जाकर देंगे जवाब
संगठनात्मक धार तेज करने के साथ ही, भाजपा ने विपक्ष के घेराबंदी की काट भी तैयार कर ली है। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर जनता से संवाद करें और विपक्ष द्वारा किए जा रहे दावों व भ्रांतियों का तथ्यपरक जवाब दें। इसके लिए नियमित संगठनात्मक बैठकों का एक नया और सख्त शेड्यूल भी तय किया गया है ताकि चुनावी मोड में आए संगठन की गति धीमी न पड़े।
अब जिला समितियों की बैठकें प्रत्येक माह की 1 से 15 तारीख के बीच आयोजित होंगी। वहीं माह के प्रथम सप्ताह में मंडल समिति, तृतीय सप्ताह में शक्तिकेन्द्र की बैठकें नियमित रूप से होंगी। माह के अंतिम सप्ताह में मन की बात कार्यक्रम के साथ बूथ समिति की बैठकें आयोजित होंगी। आने वाले समय में विधानसभा स्तर पर बूथ अध्यक्ष बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा।