Fire in Closed Room: शिमला में अंगीठी की गैस लगने से सिरमौर के दो लोगों की मौत व 7 बेहोश

Punjab CM
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Fire in Closed Room: शिमला में अंगीठी की गैस लगने से सिरमौर के दो लोगों की मौत व 7 बेहोश

Fire in Closed Room

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शिमला. Fire in Closed Room: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कोयले की गैस लगने से दो मजदूरों की  मौत(death of workers) हो गई, जब हादसे में 7 मजदूरों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. घायलों का इलाज(treatment of the injured) कोटगढ़ सीएचसी में इलाज चल रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

जानकारी के अनुसार, शिमला के कोटगढ़ की जरोल पंचायत के शीलाजान की यह घटना है. यहां पर एक मकान का निर्माण चल रहा है. निर्माण में सिरमौर के रेणुका के मजदूर काम में लगे हुए थे.  शुक्रवार रात को ठंड के चलते मजदूरों ने बाल्टी में कोयला डाला और आग सेंकने लगे. बाद में बाल्टी को ऐसे ही छोड़ दिया. एक दिन यानी शुक्रवार को सभी मजदूरों को किसी ने नहीं देखा. शनिवार को जब लोगों ने दरवाजा खोला तो देखा सभी कमरे में बेसुध पड़े हैं. लोगों ने शनिवार शाम को सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया. यहां पर दो लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि छह अन्य का इलाज चल रहा है.

शिमला के कुमारसैन थाना पुलिस ने बताया कि शनिवार को शाम चार बजे पुलिस थाने में फोन से सूचना मिली थी. बताया गया कि कोटगढ में गांव शिलाजान में कोयले की गैस लगने के कारण कुछ लोगों को उपचार के लिए सीएचसी कोटगढ़ लाया गया है.

जांच में सामने आया है कि अनिल पुत्र (22) कुंदिया राम गांव बबाई बलीच, कोटी मधान रेणुका (सिरमौर), कुलदीप (40) पुत्र अमर सिंह, राजेन्द्र चौहान (34) पुत्र अमर सिंह, राहुल (36)  पुत्र धनवीर, विनोद (29) पुत्र अमर सिंह, यशपाल (29) पुत्र कुंदिया राम (पता उपरोक्त), कुलदीप (19) पुत्र दौलत राम गांव चाड़ना, भाटगढ रेणुका उपचाराधीन हैं. उधर, रमेश (22) पुत्र महेन्द्र सिंह और सुनील (21) दौलत सिंह, गांव चाड़ना, भाटगढ रेणुका सिरमौर को चिकित्सा अधिकारी ने मृत घोषित कर दिया.

लोगों ने क्या बयान दिए

अस्पताल में पुलिस कर्मी ने विष्णु राम कोटगढ और यशपाल के ब्यान कलमबंद किए हैं. बयान में पता चला है कि उपरोक्त सभी मजदूर कुलदीप मैहता गांव जब्बलपुर, जरोल, कोटगढ के बगीचे शिलाजान में मकान निर्माण में लगे हुए थे और कुलदीप मैहता के बगीचा में बने मकान के एक कमरे में रहते थे. सभी मजदूरों ने ठंड से बचाव के लिए कमरे में लोहे की बाल्टी में आग जलाई थी. आग बुझने के बाद रात को मजदूरों ने बाल्टी कमरे में ही रखी दी थी. विनोद और यशपाल ने कमरा का दरवाजा खोला  और सभी को इलाज के लिए सीएचसी कोटगढ़ लाया था. फिलहाल, मजदूर अनिल,  कुलदीप, राजेन्द्र चौहान, राहुल , विनोद, यशपाल और कुलदीप अस्पताल में दाखिल हैं. पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई की है.

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