हिमाचल: निजी स्कूलों द्वारा एसएलसी रोकने पर सख्त निर्देश जारी
trict Directives Issued Against Private Schools Withholding SLCs
शिमला। trict Directives Issued Against Private Schools Withholding SLCs, हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) रोकने या देने में देरी करना अब भारी पड़ सकता है। शिक्षा विभाग ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। निदेशालय प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि प्रदेश के कई निजी शिक्षण संस्थान सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर मांगी जाने वाली गतिविधियों, रिपोर्ट और अन्य सूचनाएं समय पर उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं।
विभाग ने इसे हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (रेगुलेशन) एक्ट, 1997 के प्रावधानों के विपरीत बताया है। आदेश में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में जब अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मांगते हैं तो निजी स्कूल विभिन्न कारणों का हवाला देकर प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर देते हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की भावना और प्रावधानों के खिलाफ है।
सभी जिलों को जारी किए निर्देश
शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के सभी निजी स्कूलों को स्पष्ट आदेश जारी करें। इसके तहत विभाग द्वारा मांगी जाने वाली सूचनाएं समय पर उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जब भी कोई अभिभावक अपने बच्चे का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मांगे, तो उसे बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए।
नियमों की अवहेलना पर कड़ी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि निजी शिक्षण संस्थान इन निर्देशों की अनदेखी करते हैं तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी एनओसी तक रद्द की जा सकती है। विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी और अभिभावकों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।