सूखे पेड़ों की निगम करवाएगा सर्वे, फिर इन्हें हटाया जाएगा
सूखे पेड़ों की निगम करवाएगा सर्वे

सूखे पेड़ों की निगम करवाएगा सर्वे, फिर इन्हें हटाया जाएगा

सूखे पेड़ों की निगम करवाएगा सर्वे, फिर इन्हें हटाया जाएगा

हादसों को न्योता दे रहे सूखे पेड़ो से निपटने के लिए नगर निगम तैयार


मोहाली। शहर में हादसों को न्योता देने वाले सूखे पेड़ों से जल्दी ही इलाके के लोगों को छुटकार मिल जाएगा। नगर गिनम ने पूरे इलाके के सूूखे पेड़ों का सर्वे करवाने का फैसला लिया है। इसके बाद इनकी कटाई की जाएगी। नगर निगम के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा‌ कि लागो ंको किस भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
जानकारी के मुताबिक  पहले शहर में हार्टिकल्चर से जुड़ा सारा काम ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) द्वारा ही देखा जाता था। 2017 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गमाडा व नगर निगम के बीच एक एमओयू हुआ था। जिसके बाद इलाके में सारे काम नगर निगम के अधीन आ गए थे। इसमें पार्क, सड़कें, कम्युनिटी सेंटर से लेकर अन्य सारे काम शामिल थे। एमओयू के तहत गमाडा को हर साल पचास करोड़ रुपये निगम को देने थे। लेकिन नगर निगम के पास स्टाफ की कमी थी। ऐसे में नगर गिनम की तरफ से सूखे पेड़ों की तरफ कभी ध्यान ही नहीं दिया गया। हालांकि पेडों की प्रूनिंग काम किया जाता रहा है। इसी बीच मंगलवार को जब सूखे पेड़ टूटकर दो गाड़ियों पर गिरा तो नगर निगम अधिकारियों की भी नींद खुल गई। लेकिन सूखे पेड़ है कहां पर इस बारे में नगर निगम के अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा सूखे पेड़ों की इलाके में संख्या कितनी है। यह जानकारी भी निगम के पास नहीं है। ऐसे में अब नगर निगम पूरे इलाके में सूखे पेड़ों का सर्वे करवाने की तैैयारी की है। ताकि इनका पता करवाकर आगे किया जाए। इससे भी नगर‌ निगम को आमदन होने की उम्मीद है । क्योंकि पेड़ों की कटाई के बाद इमारती लकड़ी की नगर निगम नीलामी करेगा।

पेड़ों को बचाने के लिए चजा रहे हैं यह प्रोजेक्ट
शहर पूरी तरह हरा भरा दिखे, पेड़ों को किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचे। इसके लिए नगर निगम दो प्रोजेक्टों पर काम कर रहा है। एक तो पंजाबी यूनिवर्सिटी के सहयोग से पेड़ों को कीड़ों से बचाने के लिए ट्रीटमेंट करवाया जा रहा है। । इसके साथ ही पेड़ों के साथ लगी कंक्रीट और पेबर ब्लॉक को भी हटाया जा रहा है। ताकि पेड़ों की जड़ों को फैलने में किसी तरह का नुकसान न हो। सभी एरिया में यह प्रोजेक्टों जोरों से चल रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों प्रोजेक्टों से इलाके के पेड़ों को नई जान मिली है।