राम मंदिर चढ़ावा विवाद ने बढ़ाई चिंता, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी हुए व्यथित
The controversy over offerings at the Ram Mandir has sparked concern
अयोध्या। श्रीराम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर जहां श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने चुप्पी साध ली है, तो मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता व्यथित हैं। हालांकि इनमें भी दो धड़े हो गए हैं। इसी दौरान गणना के काम में लगे एक कर्मी को हटाया भी गया है।
चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर एक धड़ा मामले की निष्पक्ष जांच का पक्षधर है और ट्रस्टियों की जवाबदेही तय करने की बात कर रहा, तो दूसरा धड़ा ट्रस्टियों के साथ खड़ा है और विपक्षियों की साजिश बताने से नहीं चूक रहा। यद्यपि नकारात्मक चर्च से सभी विचलित हैं, परंतु कोई खुल कर नहीं बोल रहा है। बताया जा रहा है कि संघ के वरिष्ठजन दूर से ही बैठ कर सारी रिपोर्ट ले रहे हैं और नजर रखे हैं। यह भी कहा जा रहा कि शीघ्र ही संघ के दबाव पर ट्रस्टी सामने आएंगे और गबन मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे। आचारी मंदिर के महांत विवेक आचारी ने भी इसे रामभक्तों की आस्था पर चोट का मामला बताते हुए जांच की मांग की है।
समीक्षा बैठक टलने के आसार
चढ़ावा में गबन प्रकरण के तूल पकड़ने के बाद अब राम मंदिर निर्माण समिति की 13 जून से प्रस्तावित समीक्षा बैठक टलने के आसार हैं। इस प्रकरण के बाद से समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र काफी आहत हैं। ऐसे में यदि समीक्षा बैठक होगी भी, तो ट्रस्टियों से निर्माण कार्यों व ध्वजारोहण पर चर्चा होने के साथ गबन का मामला भी उठेगा।
ट्रस्टियों की त्रैमासिक बैठक भी संभावित
इसी माह के अंत में ट्रस्टियों की त्रैमासिक बैठक भी संभावित है। इस बैठक में अध्यक्ष महांत नृत्यगोपाल दास से चर्चा के उपरांत मंदिर प्रबंधन से जुड़े अहम बदलाव किए जा सकते हैं। गबन प्रकरण को लेकर सभी इस पर एकमत दिख रहे हैं कि चाहे कुछ भी हो, सामने आकर सबकुछ स्पष्ट करना चाहिए। यदि गणना में लगे कर्मियों ने यह अपराध किया है, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी ही चाहिए, जिससे रामभक्तों के बीच स्पष्ट संदेश दिया जा सके।
एक भूतपूर्व सैनिक तैनात
सूत्रों ने जानकारी दी कि ट्रस्ट ने दानपात्र की धनराशि की गणना से जुड़े एक कर्मी को हटाते हुए उनके स्थान पर एक भूतपूर्व सैनिक को तैनात कर दिया है। ये काफी दिनों से बिड़ला धर्मशाला के सामने स्थित यात्री सेवा केंद्र में सेवारत रहे। गणना से जिस कर्मी को हटाया गया, वह बहुत दिनों से वहां कार्यरत रहा। यह बदलाव एक ट्रस्टी के कहने पर हुआ है।