मुख्यमंत्री ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को शैक्षणिक भ्रमण पर किया रवाना

मुख्यमंत्री ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को शैक्षणिक भ्रमण पर किया रवाना

Children of the State on an Educational Tour

Children of the State on an Educational Tour

मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत 52 बच्चे देश के प्रमुख शहरों, ऐतिहासिक व शैक्षणिक स्थलों का करेंगे भ्रमण

शिमला। Children of the State on an Educational Tour: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार सुबह हिमाचल प्रदेश सचिवालय से मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत राज्य के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (सीसीआई) सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा में रह रहे ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को एक विशेष शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण पर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उन्हें इस यात्रा का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भ्रमण बच्चों के लिए केवल यात्रा नहीं, बल्कि सीखने, समझने और अनुभव करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस दौरान बच्चों को ज्ञान अर्जन के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक संस्थानों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

इस भ्रमण कार्यक्रम में प्रदेश के तीन बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे कुल 52 बच्चे भाग ले रहे हैं। यह शैक्षणिक यात्रा 15 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी, जिसके दौरान बच्चे देश के विभिन्न प्रमुख शहरों तथा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत राज्य सरकार इन बच्चों को केवल संरक्षण प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य के लिए सभी आवश्यक अवसर उपलब्ध करवा रही है। इस यात्रा का उद्देश्य बच्चों में राष्ट्रीय एकता की भावना, सांस्कृतिक समझ, सामाजिक चेतना और आत्मविश्वास विकसित करना है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

यात्रा कार्यक्रम और आधुनिक परिवहन का अनुभव

इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चे चंडीगढ़–दिल्ली–आगरा–गोवा–चंडीगढ़ के यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे। भ्रमण के दौरान बच्चों को आधुनिक परिवहन साधनों का भी अनुभव करवाया जाएगा, जिनमें वोल्वो बस, वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ी, मेट्रो रेल सेवा, हवाई यात्रा, क्रूज यात्रा और हॉप-ऑन हॉप-ऑफ पर्यटन बस शामिल हैं।

दिल्ली, आगरा और गोवा के प्रमुख स्थल शामिल

दिल्ली प्रवास के दौरान बच्चे लाल किला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, राजघाट, शक्ति स्थल, वीर भूमि, हुमायूं का मकबरा, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स, त्रिवेणी कला संगम तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। इसके अतिरिक्त आगरा में बच्चों को ताजमहल दिखाया जाएगा।
गोवा प्रवास के दौरान उत्तर गोवा में कलंगुट, फोर्ट अगुआड़ा, अंजुना बीच, डोना पाउला, भारतीय समुद्र विज्ञान संस्थान और क्रूज यात्रा करवाई जाएगी, जबकि दक्षिण गोवा में चर्च, मंगेशी मंदिर, वार्का बीच, पणजी शहर और स्पाइस गार्डन का भ्रमण कार्यक्रम में शामिल है।

सुरक्षा और देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा, सुविधा और देखभाल में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा, देश के प्रति समझ और सामाजिक चेतना विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के उपरांत सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित टूटीकंडी बालिका आश्रम का दौरा कर निराश्रित बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की संपूर्ण जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया था। इन वर्गों के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना।
28 फरवरी 2023 से मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत प्रदेश में लगभग 4000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है। इन बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जेब खर्च, करियर काउंसलिंग, देश-विदेश भ्रमण सहित विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही स्टार्ट-अप आरंभ करने के लिए 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है।

ये रहे उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनी राम शांडिल, विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, महापौर शिमला नगर निगम सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, उपायुक्त अनुपम कश्यप, निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग डॉ. पंकज ललित, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।