अमरावती के किसानों से मिलने गए नेताओं पर हमले की निंदा की

Condemned the attack on leaders

Condemned the attack on leaders

(अर्थ प्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )

ताडेपल्ली : : (आंध्र प्रदेश) 27जून: - आंध्रप्रदेश के वाईएसआर पार्टी नेताओं ने पूर्व मंत्रियों, विधान परिषद सदस्य और सीआरडीऐ के प्रोटेक्शन कमेटी के सदस्यों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की, जो अमरावती के किसानों से मिलने पेनुमाका जा रहे थे। उन्होंने कहा कि यह हमला तेलुगु देशम पार्टीके  सरकार की निगरानी में किया गया यह हमला ताकि जबरन अधिग्रहण पुलिंग एक्ट के आड़ में हजारों एकड़ भूमि को किस देना नहीं चाह रहे हैं और पिछले 12 साल से इन्हें कोई संविधान संवैधानिक ढंग से कोई भी बॉन्ड पेपर नहीं दिया गया हैमात्र पूलिंग के नाम से 50000 एकड़ जमीन हस्तांतरण कर एक तमाशा बना दिया है और जिसको किसानों ने समझ कर विरोध करना चालू कर दिया था इसके पीछे एक बड़ी साजिश करोड रुपए बैठने की योजना के तहत जमीनों को सस्ते में लेकर .व्यापार करना चाहती है सरकार कहा किसानों ने ज़मीन अधिग्रहण, भ्रष्टाचार और किसानों को हो रही मुश्किलों की सच्चाई जनता जो  तक न पहुँचे।
नेताओं ने कहा कि हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया और इसमें शामिल लोगों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्षी नेताओं को उन किसानों से बातचीत करने से रोकने के लिए डरा रही है जो ज़रूरी ज़मीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे और अपनी रोज़ी-रोटी को लेकर चिंता जता रहे थे।
YSRCP नेताओं ने कहा कि यह हिंसा जानबूझकर विरोध को दबाने और अमरावती में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों को छिपाने की कोशिश है। उन्होंने सवाल किया कि चुने हुए प्रतिनिधियों और विपक्षी नेताओं को राजधानी क्षेत्र का दौरा करने से क्यों रोका जा रहा है और सरकार पर किसानों की आवाज़ दबाने के लिए डर पैदा करने का आरोप लगाया। कई नेताओं ने पुलिस की आलोचना की कि वह दौरे पर आए डेलीगेशन और अपने लोगों, जो हिंसा के दौरान घायल हुए थे, दोनों को बचाने में नाकाम रही।
पार्टी ने होम मिनिस्टर से जवाबदेही की भी मांग की, और कहा कि लॉ एंड ऑर्डर का बिगड़ना खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में विपक्षी नेताओं पर हमले, सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिशें एक पैटर्न बन गई हैं।
YSRCP ने फिर से कहा कि वह अमरावती के किसानों के साथ खड़ी रहेगी, भ्रष्टाचार और जबरन ज़मीन अधिग्रहण का पर्दाफाश करेगी, और लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से इस मुद्दे को आगे बढ़ाएगी। पार्टी ने ऐलान किया कि जब तक प्रभावित किसानों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कोई भी हिंसा या धमकी उसके संघर्ष को नहीं रोक पाएगी।