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अब भी समाज में बहुत गहरी हैं अंधविश्वास की जड़ें

जमाना कितना ही आगे बढ़ गया हो, लेकिन तांत्रिक अब भी लोगों को चंद पैसों के लिए अपने जाल में फंसा ही लेते हैं। न केवल जाल में फंसा लेते हैं, बल्कि उनके हाथों ऐसा अपराध भी करवा डालते हैं, जिसकी वजह से उन्हें अपनी सारी जिंदगी सलाखों के पीछे काटनी पड़ती है। आम तौर पर ऐसे लोगों के चंगुल में बेऔलाद औरतें ही फंसती हैं। लेकिन क्या कोई तांत्रिक किसी को इतना सम्मोहित भी कर सकता है कि एक महिला किसी दूसरी गर्भवती महिला का पेट चीर कर न केवल उसकी हत्या कर दे, बल्कि गर्भ में पल रहे उसके शिशु की भी जान ले ले ? पंजाब के काला नंगल गांव की कहानी तो यही कहती है।

मामला जरा डरावना है, लेकिन है सच। पंजाब में गुरदासपुर जिले में एक गांव है काला नंगल। इस गांव में एक ऐसा जघन्य अपराध हुआ है, जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सके। इस गांव को बदनाम करने वाले अपराध को अंजाम दिया है, एक बेऔलाद औरत ने। इस बेऔलाद महिला ने अपने पारिवार के सदस्यों के साथ मिल कर बच्चा पाने के लिए पड़ोस में रहने वाली सात महीने की एक गर्भवती महिला का कत्ल कर दिया। कत्ल के बाद गर्भवती महिला का पेट ब्लेड से फाड़ कर सात माह का बच्चा बाहर निकाल कर आरोपियों ने अपने घर में ही दफना दिया। यह सब उसने एक महिला तांत्रिक के कहने पर किया। गांव की यह गर्भवती महिला दो दिनों से लापता थी।

काला नंगल गांव के बलविंदर सिंह के मुताबिक उसकी पत्नी जसबीर कौर (28) सात महीने की गर्भवती थी। जसबीर को पड़ोसी जोगिंदर कौर और उसके पति पूर्ण सिंह, बहू रविंदर कौर, नीतू, अमन और राजिंदर कौर एक सलाह हो कर महिला तांत्रिक दीशो उर्फ देवा के कहने पर अपने घर ले गई। इसके बाद उसकी पत्नी का कुछ पता नहीं चल पाया कि वह कहां गायब हो गई?

बलविंदर सिंह ने पड़ोसी से पूछताछ की तो उसे वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जब उसे शक हुआ तो वह अपने साथ गांव के कुछ लोगों और पंचायत सदस्यों को लेकर पड़ोसियों के घर गया और घर की तलाशी लेनी शुरू कर दी। जब घर में पड़ी एक पेटी खोली तो देखा कि जसबीर की हत्या कर के शव उसमें छुपाया हुआ है।

इसके बाद सारा रहस्य खुल गया। बलविंदर को पता चला कि इससे पहले जसबीर कौर के पेट को ब्लेड से चीर कर सात महीने का अजन्मा बच्चा बाहर निकाल लिया गया। जब बच्चा मृत निकला तो उसको अपने ही घर में जमीन में दबा दिया।

लोहे की पेटी में जसबीर कौर का खून से सना शव पड़ा था। उसके पेट पर कट के निशान थे। पेट में बच्चा नहीं था। गांव के लोगों ने जब सख्ती से पूछा तो पड़ोसी परिवार ने दोनों की हत्या करना स्वीकार कर लिया। बाद में मृतक बच्चे को ड्यूटी मजिस्ट्रेट अजयपाल सिंह नायब तहसीलदार की उपस्थिति में जमीन से बाहर निकाल लिया गया। वहीं बटाला सदर थाना पुलिस ने महिला तांत्रिक समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी महिला रविंदर कौर ने माना उसके पांच साल से कोई बच्चा नहीं था। बटाला के एसपी एच.एस. हीर ने बताया कि इस मामले में महिला तांत्रिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार हैं। वहीं पुलिस ने हत्या के दौरान इस्तेमाल किया हथियार और खून से लथपथ कपड़ों को भी बरामद कर लिया है।

पुलिस के सामने यह रहस्य भी खुल गया कि पूरे परिवार ने महिला तांत्रिक दीशो उर्फ देवा के कहने पर ही इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। दीशो हसनपुर कलां गांव की रहने वाली है। आरोपी महिला रविंदर कौर ने बताया कि महिला तांत्रिक दीशो ने उन्हें कहा था कि गांव की गर्भवती महिला को अपने घर बुला कर उसकी हत्या कर उसके पेट से बच्चा निकालने के बाद गांव में शोर मचा दो कि रविंदर कौर के घर बच्चा पैदा हुआ है।

तांत्रिक के कहे पर किये जा रहे अपराध के क्या परिणाम होंगे? इसके बारे में किसी ने भी विचार नहीं किया। उन्होंने 27 अप्रैल को ऐसे जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे दिया। जसबीर की हत्या कर के उसके बच्चे को पेट से निकाला गया तो वह मरा हुआ था। इस पर उन्होंने जसबीर कौर और उसके सात माह के बच्चे को घर में ही दबा दिया था।

इस मामले में बटाला थाना सदर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। मुख्य आरोपी रविंदर कौर, उसकी सास जोगिंदर कौर, ससुर पूर्ण सिंह औैर महिला तांत्रिक दीशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी अमन, नीतू और रजिंदर कौर अभी फरार हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जगह-जगह छापामारी कर रही है, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा पाई है।

बहरहाल, जो गिरफ्तार हो चुके हैं, उन्हें सीखचों के पीछे से बाहर आने का मौका कब मिलेगा, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। बाहर आना उनके नसीब में लिखा भी है या नहीं, किसी को पता नहीं है। अदालत से कितनी सजा मिलती है, यह अभी भविष्य के गर्भ में है। लेकिन इतना तय है कि समाज में अब भी अंधविश्वास की जड़े बहुत गहरे तक जमी हुई हैं। अंधविश्वास की ये जड़े कैसे और कब उखड़ेंगी, कोई नहीं जानता।

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