Kuldeep left Congress: कुलदीप के कांग्रेस छोड़ते ही बेटे भव्य का छलका दर्द, ट्विटर पर लिखा पत्र
Kuldeep left Congress: कुलदीप के कांग्रेस छोड़ते ही बेटे भव्य का छलका दर्द

Kuldeep left Congress: कुलदीप के कांग्रेस छोड़ते ही बेटे भव्य का छलका दर्द, ट्विटर पर लिखा पत्र

Kuldeep left Congress: कुलदीप के कांग्रेस छोड़ते ही बेटे भव्य का छलका दर्द, ट्विटर पर लिखा पत्र

बोले, हुड्डा ने मेरे दादा जी की मेहनत का फल बेशर्मी से खाया

चंडीगढ़। Kuldeep left Congress: विधायक कुलदीप बिश्नोई द्वारा कांग्रेस छोड़ने व विधायक पद से इस्तीफा देने के साथ ही जिले की आदमपुर विधानसभा सीट रिक्त हो गई है वहीं अब आरोप—प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है। कुलदीप बिश्नोई ने आदमपुर में कार्यकर्ताओं की बैठक करके पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा या उनके पुत्र दीेपेन्द्र को चुनाव मैदान में आने की चुनौती दे डाली थी वहीं बुधवार को कुलदीप के बेटे भव्य ने ट्विटर पर पत्र लिखकर हुड्डा पर जमकर हमला बोला।

Kuldeep left Congress: भव्य बिश्नोई ने ट्विट किया:

कुलदीप के कांग्रेस छोड़ते ही भव्य बिश्नोई ने ट्विट किया कि ‘अलविदा कांग्रेस, युद्ध के मैदान में मिलते हैं।’ भव्य ने ट्विटर पर एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उनका दर्द छलका है। पत्र में भव्य ने लिखा है कि ‘कुछ लोग तर्क देते हैं कि कांग्रेस ने उनके परिवार को बहुत कुछ दिया। उन्हें मैं कहना चाहता हूं कि मेरे दादा जी युगपुरुष स्वर्गीय भजनलाल ने कांग्रेस पार्टी को सब कुछ दिया। चार बार हरियाणा में कांग्रेस को सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आखिरी बार 2005 में जब भूपेंद्र हुड्‌डा ने मेरे दादा के श्रम का फल बेशर्मी से खाया था, तब से हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के वोट शेयर में लगातार गिरावट आई है। कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। मेरे पिता कुलदीप बिश्नोई ने 2016 में हजकां का कांग्रेस में विलय इस उम्मीद में किया था कि उनकी क्षमताओं और लोकप्रियता को भी केंद्रीय कांग्रेस नेतृत्व स्वीकार करके पार्टी की संपत्ति के रूप में उनका उपयोग करेगा और यह एक उम्मीद नहीं थी, बल्कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी प्रतिबद्धता थी, जो पार्टी नेतृत्व द्वारा उनसे की गई थी, लेकिन पार्टी ने विश्वासघात किया। पिछले छह सालों में पार्टी नेतृत्व ने उनकी क्षमता को बर्बाद किया और उनसे किए गए अपने वादों से मुकर गए। मेरे पिता लालची नहीं है, बल्कि परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मेरा परिवार, जिसने हमेशा मानव सेवा के साधन के रूप में राजनीति का अनुसरण किया, कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहा है। इसलिए ऊपर बताए गए कारणों से अपने मतदाताओं, कार्यकर्ताओं व शुभचिंतकों से परामर्श के बाद ही कांग्रेस पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।’

Kuldeep left Congress: हुड्डा पिता पुत्र को चुनाव मैदान में आने की चुनौती

इससे पहले कुलदीप बिश्नोई ने मंगलवार को आदमपुर में हुड्डा पिता पुत्र को चुनाव मैदान में आने की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि आदमपुर उनका परिवार है और परिवार को बांटने वालों को अब सबक सिखाने का समय आ गया है। उन्होंने 27 साल से चल रहा आदमपुर का वनवास समाप्त करने का ऐलान भी किया।