यूपी में छात्रवृत्ति व्यवस्था और शिक्षा सुधार: सरकार की नई पहल

यूपी में छात्रवृत्ति व्यवस्था और शिक्षा सुधार: सरकार की नई पहल

Scholarship system and education reforms in UP

Scholarship system and education reforms in UP

लखनऊ। पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति व्यवस्था में सरकार बड़े सुधारों की तैयारी में जुटी है। छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए विशेष एप तैयार कराया जाएगा।

मंगलवार को विधान परिषद में एक प्रश्न के उत्तर में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को सेमेस्टर वाइज योजना का लाभ देने की भी तैयारी की जा रही है।

निर्दल समूह के राजबहादुर सिंह चंदेल और सपा के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने छात्रवृत्ति भुगतान के संबंध में अलग-अलग प्रश्न किए थे।

इनके उत्तर में मंत्री ने समाज कल्याण विभाग, जनजाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा पिछले वर्षों में वितरित की गई छात्रवृत्ति के आंकड़े प्रस्तुत किए।

उन्होंने बताया कि सभी पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है। छात्रवृत्ति वार्षिक मिलती है, कई पाठ्यक्रम सेमेस्टर के आधार पर चलते हैं। ऐसे में सेमेस्टर वाइज छात्रवृत्ति देने की व्यवस्था तैयार कर रही है।

एक बार छात्रवृत्ति मिलने के बाद विद्यार्थी को पूरी पढ़ाई के दौरान लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए तकनीक आधारित मजबूत व्यवस्था बनाई जा रही है। एक एप भी तैयार कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी।

बच्चों में मोबाइल एडिक्शन का उठा मुद्दा

भाजपा सदस्य विजय बहादुर पाठक ने बच्चों में बढ़ रहे फोन एडिक्शन का विषय उठाया। कहा कि कोविड काल में स्कूल में पढाई का जो डिजिटल पैर्टन शुरू हुआ, उसे स्थिति सही होने के बाद भी जारी रखा गया है।

कई स्कूलों में आज भी डायरी की जगह वाट्सएप और पोर्टल ने ले रखी है, होमवर्क एसाइनमेंट आदि जानकारी डिजिटल माध्यमों से पहुंच रही है।

अभिभावक को मजबूरी में बच्चों के हाथ में मोबाइल देना पड़ रहा है। जिससे बच्चा धीरे-धीरे गेम और रील की ओर मुड जाता है। बच्चों में एडिक्टिव बिहैवियर विकसित हो रहा है। उन्होंने सरकार से प्रभावी कार्यवाही की मांग की।

आरटीई की शुल्क प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग

निर्दलीय समूह के राजबहादुर सिंह चंदेल और डा. आकाश अग्रवाल ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत प्रवेश लेने वाले निजी विद्यालयों को प्रति छात्र शुल्क प्रतिपूर्ति की दर बढ़ाने का मुद्दा उठा चर्चा की मांग की। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने इसकी व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी।

वहीं शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने श्रावस्ती में सेवानिवृत्ति के तीन साल बाद भी शिक्षकों को देयकों का भुगतान न होने के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह जी ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी को एक माह में भुगतान कराने के निर्देश दिए।