जयपुर में सचिन पायलट ने राहुल गांधी का किया बचाव

जयपुर में सचिन पायलट ने राहुल गांधी का किया बचाव

Sachin Pilot defends Rahul Gandhi

Sachin Pilot defends Rahul Gandhi in Jaipur

जयपुर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जब सत्तापक्ष ने निशाने पर लिया तो राजस्थान के पूर्व उपमुख्यंत्री सचिन पायलट ढाल बनकर सामने आए हैं. सचिन पायलट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ना केवल केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू को निशाने पर लिया बल्कि बीजेपी को भी खूब सुनाया. इस दौरान सचिन पायलट ने बिना नाम लिए पूर्व पीएम राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की आतंकी हमलों में गई जान का भी जिक्र किया.

राहुल गांधी के बचाव में क्या बोले सचिन पायलट?

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दिए गए बयान के बाद राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बयान दिया है. सचिन पायलट ने राहुल गांधी के सपोर्ट में अपनी बात रखी है. राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि पार्लियामेंट में राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है. मुझे बड़ा खेद है आज जो भाषा भारत के संसदीय कार्य मंत्री ने इस्तेमाल की है. देश के नेता प्रतिपक्ष जो संवैधानिक पद है, उनको आप देश के लिए खतरा बता रहे हैं. यह अशोभनीय है, मर्यादित है, मैं सिरे से इस बयान को नकारता हूं. आप हमारे भारतवर्ष के नेता प्रतिपक्ष को एक घातक व्यक्ति बताएं, ये उनके पद को शोभा नहीं देता. उन्हें अपना बयान वापस लेना चाहिए. साथ ही क्षमा मांगनी चाहिए. विपक्ष का काम है जिम्मेदारी तय करना, सवाल पूछना, आप जवाब देंगे नहीं, बदले में आप उन्हें पार्लियामेंट से हटा दें, माइक बंद कर दें, फिर उन्हें सुरक्षा के लिए खतरा बताएं. जिस व्यक्ति के पूरे परिवार ने देश के लिए प्राण न्योछावर कर दिए. आतंकवादियों ने गोलियों और बम से उनकी जान ले ली. उस व्यक्ति को आप कहते हैं कि वह देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं. किरण रिजिजू ने बड़ा ही गलत बयान दिया है, उन्हें माफी मांगनी चाहिए. यह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि, लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष के पद के खिलाफ है. उन्होंने बीजेपी का रवैया दिखाया है. आप केवल बेइज्जत करना जानते हैं, झूठी बातें कहना जानते हैं. लांछन लगाना जानते हैं. दबाव और टकराव की राजनीति करना जानते हैं. आपका जवाबदेही में कोई विश्वास नहीं है.

कथित तौर पर करणी सेना के सदस्य की ओर से वीडियो जारी कर राहुल गांधी के घर में घुसकर गोली मारने वाली धमकी पर भी सचिन पायलट ने अपनी बात कही. पायलट ने कहा कि राहुल गांधी को टारगेट बनाकर ये लोग ये साबित करना चाहते हैं इस प्रकार के लंपट एलीमेंट को कहीं ना कहीं प्रोटेक्शन है. ऐसी कई बार घटनाएं हुई हैं जब राहुल गांधी को धमकियां दी गई हैं, अपशब्द बोले गए हैं. सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है, बल्कि मजे लेती है. ये सरकार के काम करने के तरीके पर बहुत बड़ा सवाल उठाता है. दूसरी तरफ अगर कोई सामान्य पत्रकार भी सरकार की नापसंदगी वाली बात लिख दे तो उसके खिलाफ एफआईआर, कोर्ट केस में घसीट लिया जाता है. उन्हें बेल नहीं मिलने दिया जाता है, वह सालो साल जेल में पड़े रहते हैं. राहुल गांधी को सोशल मीडिया पर धमकी दी जा रही है, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, इससे इनकी मंशा जाहिर हो रही है. राहुल गांधी के पास जो एसपीजी थी उसे हटाया गया, सुरक्षा में बार-बार चूक होती रहती है. पब्लिक प्लेटफॉर्म कोई जान से मारने की धमकी दे रहा है तो उन्हें लगता है कि हम ऐसा करेंगे तो हमारा कुछ बिगड़ेगा नहीं.

सचिन पायलट की कहीं पर निगाहें, कहीं पर इशारा

साल 2020 के रिजॉर्ट प्रकरण के बाद से राजस्थान की राजनीति में सचिन पायलट और वरिष्ठ कांग्रेसी अशोक गहलोत के बीच टकराव की तस्वीर जगजाहिर हो गई थी. अशोक गहलोत रिजॉर्ट प्रकरण का जिक्र कर हमेशा पायलट की पार्टी के प्रति भरोसे पर सवाल उठाते रहे हैं. वहीं अशोक गहलोत भी राजस्थान में मुख्यमंत्री की कुर्सी के मोह में पार्टी अध्यक्ष बनने का ऑफर ठुकराकर गांधी परिवार का भरोसा तोड़ चुके हैं. अब नये सिरे से पायलट और गहलोत दोनों गांधी परिवार के प्रति वफादारी साबित करने में जुटे दिखते हैं.

सचिन पायलट जिस तरह से राहुल गांधी के बचाव में उतरे हैं उसे देखकर कहा जा सकता है कि वह पार्टी के प्रति अपनी वफादारी दिखाने के प्रयास में हैं. साथ ही इसी बहाने राजस्थान में पार्टी की कमान अपने हाथों में लेना चाहते हैं. जानकार मानते हैं कि पायलट इसी कोशिश में हैं कि उन्हें अपनी आगे की राजनीति चलाने के लिए राज्य स्तर पर ताकत हासिल करना जरूरी है. 2018 के विधानसभा चुनाव में सचिन पायलट अपनी मेहनत से पार्टी को राज्य की सत्ता में लेकर आए, लेकिन आखिर में अशोक गहलोत सीएम की कुर्सी हथियाने में कामयाब हुए. अशोक गहलोत के नेतृत्व में 2023 का चुनाव हारने के बाद सचिन पायलट एक बार फिर से अपनी राजनीतिक ताकत हासिल करने के प्रयास में हैं.

राहुल और सचिन के पापा के बीच रही है अटूट दोस्ती

सचिन पायलट के पिताजी राजेश पायलट और राहुल गांधी के पापा राजीव गांधी बेहद अच्छे दोस्त रहे हैं. राजीव गांधी के कहने पर ही राजेश पायलट राजनीति में आए. वह वायुसेना की नौकरी छोड़कर खादी पहनने का फैसला किया. उस दौर में राजेश पायलट उन चुनिंदा नेताओं में थे जिनकी पहुंच राजीव गांधी के कमरों तक थी. 2004 में जब राहुल गांधी की राजनीति में लॉन्चिंग हुई तब सचिन पायलट भी उनके करीबी रहे. लेकिन बीच में दोनों के बीच कुछ दूरियां देखने को मिली. अब एक बार फिर से सचिन खुद को राहुल के करीब दिखाने की कोशिश में हैं.

पिछले 10 साल की राजनीति में कांग्रेस के ज्यादातर नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी में जा चुके हैं. ज्योतिरादित्य सिंधया, जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा सरीखे नेता लंबे समय तक राहुल गांधी की कोर टीम का हिस्सा रहे, लेकिन आज वह बीजेपी का झंडा उठाए हैं. गौर करें तो उस ब्रिड के सचिन पायलट इकलौत ऐसे चेहरे नजर आते हैं तो आज भी कांग्रेस पार्टी में बने हुए हैं और मजबूती से राहुल गांधी के साथ खड़े दिखने की कोशिश करते हैं.