अभिनेता नहीं डायरेक्टर बनना चाहते थे Rishi Kapoor, कुछ इस तरह उतारा था पिता राज कपूर का कर्ज़

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अभिनेता नहीं डायरेक्टर बनना चाहते थे Rishi Kapoor, कुछ इस तरह उतारा था पिता राज कपूर का कर्ज़

Rishi Kapoor Life and first movie

अभिनेता नहीं डायरेक्टर बनना चाहते थे Rishi Kapoor, कुछ इस तरह उतारा था पिता राज कपूर का कर्ज़

Bollywood : कहते है कि मेहनत करने वाले की कभी हार नहीं होती है एक वियक्ति अगर कुछ पाने का ठान ले तो उसकी मेहनत उस मोकम तक उसे जरूर लेकर जाती है। इसी की मिसाल है Kapoor Family, जी हां, फिल्मी दुनिया में जहा Kapoor family ने नाम बनाया है और जो शोहरत बॉलीवुड में पायी है वो मोकाम बहुत कम Celebrities पा सके है। Show Man राज कपूर ने अपने टेलेंट के जरिये लोगो को बहुत Entertain किया और ये प्रथा उनके परिवार में 4th Genration तक कायम है और आज भी उनके काम की झलक उनके पोते-पोतिया में दिखती है, पर क्या आप जानते है कि वो भी वक़्त था जब राज कपूर को बहुत बड़े घाटे से गुजरना पड़ा था तब उनके बेटे Rishi kapoor ने उनकी डूबती नैइआ को पार लगाया था। तो आईये जानते है कैसे ऋषि कपूर डाइरेक्टर बनने की बजाये एक्टर बन गए। 

Rishi की पहली फिल्म 

राज कपूर  के होम प्रोडक्शन में कई फिल्मे बना चुके थे। कई फिल्मे हिट होती थी तो कुछ फ्लॉप हो जाती थी। 1970 में आई 'मेरा नाम जोकर' ने भी राज कपूर को बड़ा घाटा दिया था। राज कपूर की दो बड़ी फिल्में डूबने से राज कपूर मुश्किल में थे और काफी नुक्सान भी झेल चुके थे। तब उन्होंने छोटे बेटे को फिल्मो के लिए लांच करा। ऋषि कपूर की सिनेमाई समझ देखते हुए उन्हें लगता था कि वह अच्छे फिल्म डायरेक्टर साबित हो सकते है। राज कपूर सोच रहे थे कि अपने साथ निर्देशक के रूप में ऋषि कपूर को तैयार करते हुए, उन्हें Home Production RK तले ही फिल्म बनाने का मौका देंगे, लेकिन ऊपर वाले ने ऋषि कपूर की किस्मत में एक्टर बनना ही लिखा था  तब राज कपूर ने रोमांटिक फिल्म बनाना चाहते थे, जिससे दर्शक सीधे कनेक्ट हो जाएं और इस तरह ऋषि कपूर को उनकी पहली फिल्म Bobby मिली। 

Rishi Kapoor का कैरियर कैसे स्टार्ट हुआ 

1969 में  रोमांटिक हीरो में राजेश खन्ना की तूती बोलती थी क्योंकि उनकी कई फिल्मे रोमांटिक किरदार में हिट हो रही थी और वह सुपर स्टार बन गए थे।  राज कपूर ने जब राजेश खन्ना से बात की तो उनकी फीस सुन कर हैरान रह थे। राज कपूर की दो बड़ी फ्लॉप फिल्मों के बाद उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि सुपरस्टार का खर्च उठा सके, तब उन्होंने तय किया कि घर के लड़के को हीरो बना दिया जाए और बेटे ऋषि कपूर के साथ एक नए चेहरे को लांच करना चाहते थे इसलिए उन्होंने ऐसी लड़की को ढूंढा जो सुन्दर थी और जिसे ज्यादा फीस न देनी पड़े और तब डिंपल कपाड़िया की एंट्री हुई। राज कपूर ने फिल्म का नाम रखा गया 'Bobby', हालांकि खुद ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि "बॉबी उन्हें लॉन्च करने के लिए नहीं बनाई गई थी। ऐसा होता तो फिल्म का टाइटल हीरोइन के नाम पर नहीं होताज़", तब ऋषि कपूर 20 साल के और 16 साल की डिंपल के थे। दोनों को लोगो ने बहुत पसंद किया और फिल्म बॉबी ने रिलीज होकर जो धमाल किया, वह इतिहास में दर्ज है।  इसके बाद ऋषि कपूर को बहुत सी फिल्मे साइन करने को मिली और  वो एक चॉकलेट बॉय कहलाने लगे। बतादे की ऋषि कपूर ने बाद में निर्देशक के रूप में भी खुद को आजमाते हुए, आ अब लौट चलें (1999) नाम से फिल्म बनाई थी जो की इतनी कामयाब नहीं रही।