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Rate fixed for religious activities in Mansa Devi temple

मनसा देवी मंदिर में धार्मिक गतिविधियों के लिए रेट तय

मुंडन के 251, चोला चढ़ाने के 1100, हवन के 3100 तो जागरण के 11 हजार

दोपहिया वाहन पूजा के 500 जबकि चौपहिया वाहन पूजन के 1100 रुपए

अर्थ प्रकाश/साजन शर्मा

Rate fixed for religious activities in Mansa Devi temple : पंचकूला में श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की ओर से अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से मंदिर में विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के लिए अलग अलग रेट फिक्स करने का जबरदस्त विरोध शुरू हो गया है। लोगों की दलील है कि इससे श्राइन बोर्ड की आय तो बढ़े न बढ़े लेकिन भ्रष्टाचार जरूर बढ़ जाएगा। पुजारी इस फैसले की आड़ में मनमर्जी चलाने लगेंगे।

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Rate fixed for religious activities in Mansa Devi temple: यहां बता दें कि श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड ने बीते दिनों फैसला किया था कि बोर्ड का रेवेन्यू बढ़ाने के लिए दोपहिया वाहन पूजा के 500 रुपये, चौपहिया वाहन पूजन के 1100 रुपये देने होंगे। इसके पीछे लोगों की यह धारणा है कि नया वाहन खरीदने के बाद मंदिर का पुजारी उस वाहन के स्टीयरिंग या हैंडल पर शुभ लाभ या स्वास्तिक का चिन्ह बनाता है व साथ में लाल चुन्नी बांधता है और वाहन के आगे नारियल भी पुजारी फोड़ते हैं। इसकी एवज में वाहन मालिक पुजारी को पूजा कराने के बदले में पैसा भी देते हैं। श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के सदस्यों का कहना है कि इन सब पूजा के चार्ज फिक्स किये जाने से बोर्ड की आय में इजाफा होगा। हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता की अध्यक्षता में बीते दिनों बोर्ड की बैठक हुई जिसमें वाहन पूजा के यह रेट तय किये गए। इतना ही नहीं अन्य धार्मिक समारोह के रेट भी तय किये गए। जैसे अगर किसी ने मनसा देवी परिसर में जागरण कराना है तो उसे पहले 11 हजार रुपये बोर्ड को देने होंगे। माता का चोला देना है तो इसकी एवज में 1100 रुपये बोर्ड को देने होंगे। बच्चे का मुंडन अगर माता के प्रांगण में कराना है तो 251 रुपये तय किये गए हैं। अगर किसी को हवन कराना है या उसमें हिस्सा लेना है तो 3100 रुपये देने होंगे। मंदिर परिसर में अगर एयर कंडीशन रूम लेना है तो उसके 600 रुपये देने होंगे। नॉन एसी रूम के 300 रुपये देने होंगे। यहां बता दें कि माता मनसा देवी परिसर में फिलहाल नया कोरीडोर बनाया जा रहा है। इसका 70 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है। यहां जो पुराना पत्थर लगा था उसकी जगह ग्रेनाइट लगाया जा रहा है। इसी परिसर में पांच मंजिला ओल्ड ऐज होम भी करीब साढ़े दस करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है जिसका काम जनवरी 2022 में पूरा होने की उममीद है। मंदिर के गेट का नया डिजाइन बनाने के लिए आर्कीटेक्ट विभाग को कह दिया गया है।

http://www.univarta.com/uniindia/article/undefined/story/2460304.html

Rate fixed for religious activities in Mansa Devi temple: चीफ एडमिनिस्ट्रेटर कम डीसी विनय प्रताप सिंह (श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ) के साथ विधानसभा स्पीकर ने मीटिंग कर इसके प्रगति कार्यों का जायजा लिया। मीटिंग के दौरान मंदिर परिसर में भंडारे को दोबारा चालू करने पर रजामंदी बनी। बीते डेढ़ साल से यह भंडारा बंद पड़ा है। इसमें रोजाना 2 से 3 हजार श्रद्धालु भोजन करते थे। भंडारे में कोरोना से संबंधित सभी प्रोटोकॉल फॉलो करने पर रजामंदी बनी। सेनीटेशन, रिपेयर, पब्लिक टॉयलेट की साफ सफाई पर बोर्ड की अगली मीटिंग में चर्चा होगी। मंदिर की 2.10 एकड़ भूमि पर संस्कृत कालेज शुरू करने व 19.87 एकड़ जमीन पर नेशनल इंस्टीच्यूट आफ आयुर्वेद और नेचुरोपैथी शुरू करने की भी योजना है। आयुष मंत्रालय करीब ढ़ाई करोड़ के बजट से इसे अंजाम देगा। मंदिर परिसर के आसपास से ठेके हटाने का भी स्पीकर ने निर्देश दिया।

फैसला रद्द करने की मांग

सैकेंड इनिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके गर्ग ने श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के इस कदम की निंदा की है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के लोगों में धार्मिक अनुष्ठान कराना संस्कृति व परंपरा का एक हिस्सा है। देश में अमीर व गरीब दोनों तरह के लोग हैं। अपने सामर्थय अनुसार लोग माता मनसा देवी के दरबार में जाते हैं और यहां चढ़ावा चढ़ाते हैं। सरकार को लोगों पर यह रेट नहीं थोपने चाहिएं। यह आस्था का प्रश्न है। इससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है। इससे बोर्ड की आय तो बढ़े न बढ़े लेकिन भ्रष्टाचार जरूर बढ़ेगा। दूसरा किसी भी धार्मिक स्थान का उद्देश्य कमाई करना नहीं हो सकता। यह फैसला एक गलत परंपरा को जन्म देगा और दूसरे मंदिरों में भी इस को देखकर आय बढ़ाने के फैसले लिए जाने लगेंगे। आरके गर्ग ने बोर्ड के चेयरमैन और मुखयमंत्री मनोहर लाल को लिखा है कि बोर्ड के पास पर्याप्त संसाधन हैं। श्रद्धालु मर्जी से मंदिर में दान देते हैं। इस फैसले को उन्होंने तुरंत रद्द करने की मांग की है।

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