राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे, कई दिनों तक सुनियोजित तरीके से होती रही चोरी
BREAKING
रानीखेत में सनसनीखेज हत्याकांड: मेरठ के छात्र की धारदार हथियार से हत्या, बचाने पहुंचीं दो महिलाएं भी गंभीर घायल हल्द्वानी में रैपिडो बाइक चालकों पर आरटीओ की बड़ी कार्रवाई, ग्राहक बनकर पकड़ीं 18 निजी बाइक, सभी वाहन सीज Weather Update: दिल्ली-यूपी समेत 20 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं गुरुग्राम एनकाउंटर: प्रॉपर्टी कारोबारी की हत्या की साजिश नाकाम, पुलिस मुठभेड़ में चार शूटर ढेर, एक घायल यूपी में गन्ना किसानों के लिए बड़ा फैसला: अब केवल प्रमाणित उर्वरक और कीटनाशक ही देंगी चीनी मिलें, नियम तोड़ने पर बैंक गारंटी होगी जब्त

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे, कई दिनों तक सुनियोजित तरीके से होती रही चोरी

1000259101

Ram Mandir donation theft case: Shocking revelations in SIT report

अयोध्या। Ram Mandir donation theft case: Shocking revelations in SIT report, राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सार्वजनिक हुई एसआईटी जांच रिपोर्ट की एक-एक लाइन में चोरी के राज छिपे हैं, जिसे पढ़ कर आप भी दंग रहे जाएंगे। मंदिर में हुई चोरी की घटना आकस्मिक नहीं, बल्कि पूरी तरह नियोजित लगती है।

 

जेल में बंद आरोपितों ने चोरी को बार-बार अलग-अलग तिथियों में अंजाम दिया। चोरी आरोपितों की प्रवृत्ति बन गयी थी। इन तथ्यों ने जांच एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। इस वजह से एसआईटी कक्ष में लगे सीसी कैमरों की 45 दिन से पहले की रिकॉर्डिंग का बैकअप लेने का प्रयास कर रही है।

 

आरोपितों का मंदिर में सिक्का चलता था। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे गुटों में साथ-साथ गणना करते थे। बेखौफ भीतर-बाहर आते जाते थे। एक कर्मचारी कैमरों की ओट लेता था तो दूसरा आसानी से नोटों की गड्डियों से अपनी जेब भर लेता था।

 

8 आरोपी जेल में हैं बंद

27 अप्रैल से पांच मई 2026 तक के सीसीटीवी फुटेज में गणना कक्ष के भीतर व बाहर बार-बार ऐसी घटनाएं कैद हैं, जिनमें आरोपित नोटों की गड्डियां एवं खुले नोट अपने वस्त्रों यहां तक कि जूतों में रखते दिखे हैं। ट्रस्ट प्रतिनिधियों ने भी जांचकर्ताओं को एक सीसीटीवी रिकॉर्डिंग दी थी, जिसमें आरोपी धनराशि छिपाते पाये गये।

 

जांच अधिकारियों ने उल्लेख किया है कि चोरी की घटना कोई आकस्मिक नहीं, बल्कि ये दोहराई जाती रही। आरोपितों की नकदी तक प्रत्यक्ष पहुंच थी। नोटों की गड्डियों के निकट बैठते थे। मोबाइल फोन एवं निजी वस्तुएं रखते थे। न तो प्रवेश के समय और न ही बाहर निकलते समय इनकी तलाशी होती थी।

 

इसी कारण ही ये चढ़ावे की धनराशि पर निरंतर हाथ साफ करने में कामयाब हुए। इन्हीं आरोपों में ही अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, रमाशंकर मिश्रा, लवकुश, रमाशंकर टिन्नू सहित आठ आरोपित जेल में बंद हैं।