राजस्थान बॉर्डर पर नशा और हवाला नेटवर्क पर बड़ी चोट, 5 महीने में 1018 आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों का मादक पदार्थ जब्त

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Major blow to drug and hawala networks along the Rajasthan border

Major blow to drug and hawala networks along the Rajasthan border, राजस्थान के बॉर्डर एरिया में नशे और हवाला कारोबार के खिलाफ 5 महीने से अभियान जारी है. पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए होने वाली ड्रग्स तस्करी, हवाला नेटवर्क और म्यूल अकाउंट के जरिए होने वाले पैसों के लेन-देन पर पुलिस की पैनी नजर है. इन मामलों में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में लगातार कार्रवाई हो रही है. इस कार्रवाई को खुद बीकानेर आईजी ओम प्रकाश लीड कर रहे हैं. आंकड़े बताते हैं कि कुछ ही महीनों में सैकड़ों मुकदमे दर्ज हुए हैं और करोड़ों रुपये का नशा जब्त किया गया है, जिसे बीकानेर रेंज की बड़ी सफलता माना जा रहा है.  

25 फरवरी से शुरू हुआ था अभियान 

आईजी बीकानेर ओम प्रकाश की टीम ने 25 फरवरी को अभियान छेड़ा था. आईपीएस ने बताया कि 15 जुलाई तक 4 जिलों में 1018 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और कुल 778 एनडीपीएस के मुकदमे दर्ज हुए हैं. 51 लाख 16 हजार 652 नशे की गोलियां, 75.016 किलो अफीम, 69.740 किलो हेरोइन, 88.285 किलो गांजा और 12 लाख 60 हजार 319 प्रतिबंधित टैबलेट समेत करोड़ों की सामग्री जब्त की गई है. वहीं, 5.95 करोड़ रुपये कैश और 240 वाहन भी सीज किए. 

बीकानेर रेंज में भारी मात्रा में नशे की सामग्री जब्त की गई है.

बीकानेर रेंज में भारी मात्रा में नशे की सामग्री जब्त की गई है.

लोकल नेटवर्क के खिलाफ कसा शिकंजा

अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे राजस्थान के जिलों में नशे का कारोबार लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है. तस्कर सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन, अफीम और अन्य मादक पदार्थ भारतीय सीमा में गिराते हैं. इसके बाद स्थानीय नेटवर्क इन्हें अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाता है. पुलिस जांच में सामने आया है कि नशे के कारोबार का पैसा सीधे नहीं भेजा जाता. इसके लिए हवाला नेटवर्क और म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है. मासूम लोगों को शिकार बनाकर उनके बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर उसे आगे घुमाया जाता है, ताकि असली नेटवर्क का खुलासा ना हो सके. अब इस सिंडिकेट के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है. 

श्रीगंगानगर-बीकानेर में रिकॉर्ड कार्रवाई 

सबसे ज्यादा कार्रवाई श्रीगंगानगर और बीकानेर जिलों में हुई. सीमा से जुड़े इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और वित्तीय जांच के जरिए पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की जा रही है. पुलिस का सबसे ज्यादा फोकस श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू है.