Punjab-Haryana High Court Bars Extra

पुराने वीआईपी वाहन नंबर रखने वालों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, अतिरिक्त फीस वसूली पर रोक

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Punjab-Haryana High Court Bars Extra

Punjab and Haryana High Court ने पुराने और पसंदीदा वाहन नंबर रखने वाले हजारों वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए फैसला सुनाया है कि पुरानी नंबर सीरीज को नई सीरीज में बदलने पर किसी भी प्रकार की प्रेफरेंशियल या वीआईपी नंबर फीस नहीं वसूली जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि वाहन मालिकों को केवल नंबर सीरीज बदलने के कारण अतिरिक्त शुल्क देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

यह महत्वपूर्ण फैसला Jagmohan Bansal ने 14 से अधिक याचिकाओं का संयुक्त निपटारा करते हुए सुनाया। मामला उन पुराने वाहनों से जुड़ा था जिनके पंजीकरण नंबर मोटर वाहन अधिनियम 1988 लागू होने से पहले जारी किए गए थे और जिनकी सीरीज वर्तमान 'HR' प्रारूप से अलग थी।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सरकार पहले अदालत में बिना शुल्क नंबर बदलने का आश्वासन दे चुकी थी, लेकिन बाद में 2019 के एक आदेश के जरिए पसंदीदा नंबरों पर शुल्क लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। हाई कोर्ट ने माना कि वाहन पंजीकरण और नंबर सीरीज से जुड़े नियम बनाने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को है। राज्य सरकार केवल सर्कुलर या मेमो जारी कर ऐसी फीस नहीं लगा सकती। इसी आधार पर अदालत ने विवादित आदेश को अवैध करार देते हुए वाहन मालिकों के पक्ष में फैसला सुनाया।