Congress President Amarinder Singh Raja Wading
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Punjab Congress chief Raja Vading came on the radar of Punjab government

पंजाब सरकार के रडार पर आए पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वडि़ंग,  देखें क्या है मामला

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग (Congress President Amarinder Singh Raja Wading) अब आम आदमी पार्टी सरकार के टारगेट पर आ गए हैं। वडि़ंग के ट्रांसपोर्ट मंत्री रहते बसों की बॉडी को लेकर 30.24 करोड़ के घपले के आरोप लगाए जा रहे हैं। पंजाब में सस्ती बॉडी होने के बावजूद वडि़ंग के मंत्री रहते राजस्थान के जयपुर स्थित कंपनी से बॉडी लगवाई गई। इसके लिए ज्यादा रुपए खर्च किए गए। वहीं बसों को राजस्थान भेजने पर भी करीब डेढ़ करोड़ का डीजल खर्च हुआ।
 

राजा वडि़ंग पिछली सीएम चरणजीत चन्नी की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार में 3 महीने ट्रांसपोर्ट मंत्री रहे। इस दौरान पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी के लिए 840 बसें खरीदी गई। जिनकी बॉडी राजस्थान की कंपनी से लगवाई गई। राजस्थान की कंपनी ने एक बस की बॉडी के बदले 12 लाख रुपए लिए। इस तरह कुल 100.80 करोड़ रुपए खर्च किए गए।
 

ट्रांसपोर्टर सन्नी ढिल्लो ने कहा कि मैंने आरटीआई में जानकारी निकलवाई। इसमें पता चला कि भदौड़ की हरगोबिंद कोच और गोबिंद कोच ने सरकार को 8.40 लाख और 8.25 लाख रुपए की कोटेशन दी थी। इसके बावजूद मंत्री राजा वडि़ंग ने बसों को बॉडी लगवाने के लिए राजस्थान भेजा। इस तरह एक बस की बॉडी लगवाने के लिए 3 से 4 लाख रुपए ज्यादा खर्च किए गए।
 

सन्नी ढिल्लो ने कहा कि 2018 में पंजाब के भदौड़ से ही पीआरटीसी की 100 बसों पर बॉडी लगवाई गई थी। उस वक्त प्रति बस 7.10 लाख रुपए खर्च किए गए। उस वक्त भी पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी। राजा वडि़ंग की जगह रजिया सुल्ताना ट्रांसपोर्ट मंत्री थी।

बसों की आवाजाही पर 1.51 करोड़ फूंके
पंजाब के लिए खरीदी बसों को बॉडी लगवाने के लिए राजस्थान भेजा गया। इस दौरान उनके लिए डीजल खरीदने पर 1.51 करोड़ रुपए खर्च किए गए। अगर यही बॉडी भदौड़ से लगाई जाती तो डीजल का भी पैसा बचता।

वडि़ंग बोले- जांच के लिए तैयार
इस मामले में अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग ने कहा कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं। मैं हर रडार झेलने को तैयार हूं। यह राजनीतिक बदलाखोरी है क्योंकि सिर्फ पूर्व मंत्रियों को टारगेट किया जा रहा। 99 प्रतिशत काम वही होता है, जो अफसर कहते हैं। फिर इस मामले में अफसरों की भी जांच होनी चाहिए।