Public should write confidential reports of officers and employees

अधिकारी व कर्मचारियों की गोपनीय रिपोर्ट जनता ही लिखे, सराहनीय कदम

Public should write confidential reports of officers and employees

Public should write confidential reports of officers and employees

Public should write confidential reports of officers and employees- हरियाणा में भाजपा-जजपा (BJP-JJP) नीत गठबंधन सरकार ने सुशासन दिवस के जरिए राज्य में सरकारी विभागों (Government Department) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित कर एवं प्रशासनिक व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली घोषणाएं करके वास्तविक सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल (CM Manohar Lal) की ओर से 8 जिलों में 177 अनियमित कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा के अलावा वर्ष 2023 को अंत्योदय आरोग्य वर्ष के रूप में मनाने का ऐलान समाज के उन लोगों को लाभ पहुंचाएगा जोकि विकास की रफ्तार में पिछड़ रहे हैं।

आज के समय में आरोग्य यानी स्वास्थ्य सबसे मूल्यवान सेवा हो गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री (Chief Minister) की यह घोषणा वाकई काबिले तारीफ है। जरूरतमंद को समय पर मेडिकल सेवा का लाभ मिलना आवश्यक है और इसके लिए हरसंभव कोशिश सरकार की ओर से होनी चाहिए। सरकार ने बीते दिनों एमबीबीएस छात्रों के लिए बॉन्ड पॉलिसी (MBBS Bond Policy) में भी उनकी मांग के अनुसार बड़ी रियायत दे दी है, इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि राज्य से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों को यहां कुछ समय के लिए नौकरी करनी ही होगी। राज्य में अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की कमी आड़े आ रही है और सरकार की ओर से इसकी प्रतिपूर्ति के गंभीर प्रयास किए गए हैं, हालांकि अब बॉन्ड पॉलिसी में रियायत के बाद यह तय हो गया है कि नए डॉक्टरों की सेवाओं का लाभ राज्य के लोगों को मिलेगा। जिससे यहां मेडिकल सेवाओं में इजाफा होगा।

मुख्यमंत्री (Chief Minister) की ओर से अनियमित कॉलोनियों को नियमित करके जहां राजनीतिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया गया है, वहीं जनकल्याण के संबंध में भी इसे सार्थक प्रयास माना जाएगा। बीते कुछ समय के दौरान राज्य में अवैध कॉलोनियों की संख्या लगातार बढ़ी है, हालांकि यह भी सही है कि आवासों की संख्या कम पड़ती जा रही है। मनोहर सरकार (Manohar Government) ने अब केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojna) की तर्ज पर राज्य में भी आवास योजना शुरू करने का ऐलान किया है, यानी प्रत्येक को आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार के ये प्रयास यथोचित हैं।

गौरतलब है कि राज्य में इस समय तीन पुलिस कमिश्नरी हैं, लेकिन अब सोनीपत को चौथी पुलिस कमिश्नरी (Police Commisionery) बनाकर सरकार ने इस जिले की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। यह नववर्ष का उपहार है कि अब जिले में जहां पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद होगी वहीं जिले के लोगों, कारोबारियों और उद्योग-धंधों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। सोनीपत की स्थिति ऐसी है कि यह जहां दिल्ली से सटा है, वहीं अपने उद्योग-धंधों के लिए भी मूल्यवान है। व्यापारियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण होगी। अब जिला पूर्वी, जिला पश्चिमी और गोहाना पुलिस जोन बन जाएंगे।

बीते कुछ समय में सोनीपत (Sonipat) में बड़ी तेजी से औद्योगिक विस्तार हो रहा है। यहां पर मारुति सुजुकी ने प्लांट लगाने का कार्य आरंभ कर दिया है, वहीं कुंडली, राई, सोनीपत, बड़ी और बहालगढ़ क्षेत्रों में इंडस्ट्रियल एरिया (Industrial Area) हैं, यहां पर तेजी से बड़े उद्योग आ रहे हैं। देश-विदेश में प्रतिष्ठा रखने वाले औद्योगिक प्रतिष्ठान होने के चलते व्यापारियों को सुरक्षित माहौल की जरूरत थी। वहीं जिले में कई कुख्यात गैंग सक्रिय हैं। काला जठेड़ी, राजू बसौदी, रामकरण बैंयापुर, लारेंस बिश्नोई जैसे गैंग सोनीपत से संचालित होते हैं। ऐसे में पुलिस को और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए यहां ऐसी व्यवस्था की लंबे समय से मांग हो रही थी। इस संबंध में जिला पुलिस की ओर से सरकार से मांग भी की गई थी।

पुलिस कमिश्नरी बनाए जाने से अब विभाग में नई नियुक्तियों की जरूरत होगी। फिलहाल सोनीपत (Sonipat) जिले में स्वीकृत 3319 पुलिस कर्मियों की तुलना में करीब 1950 पुलिस कर्मी काम कर रहे हैं। अधिकारियों की माने तो कमिश्नरी बनाए जाने पर स्वीकृत पदों को भरने के अलावा एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। ऐसे में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के और विकल्प सामने आएंगे।

मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी बात अधिकारियों व कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में जनता की भी राय लेने को जरूरी बताया है। उनका यह कहना सर्वथा उचित है कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है और जनता ही जनप्रतिनिधियों को चुनती है। इसलिए जनता की राय भी सरकारी तंत्र में ली जानी चाहिए।

मनोहर सरकार (Haryana Government) के दौरान अनेक जन हितैषी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनसे लगता है कि जनता की सरकार में प्रतिभागिता बढ़ी है, अब अगर सरकार ऐसी किसी योजना के संबंध में भी विचार कर रही है, जिसमें जनता से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज का आकलन करने की क्षमता प्रदान की जा रही है तो हरियाणा (Haryana) इस मामले में भी रोल मॉडल बन सकता है। आमतौर पर देखने को मिलता है कि लोगों की शिकायतें होती हैं कि सरकारी विभागों में उनके काम नहीं होते, इसकी वजह अनेक बार भ्रष्टाचार या फिर सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही होती है। सरकार को सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को इसका अहसास कराना ही चाहिए कि वे लोकसेवक हैं और इसके लिए उन्हें वेतन प्रदान किया जाता है।

यानी प्रत्येक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी को जनता के प्रति जवाबदेह होना ही चाहिए। अगर ऐसी सोच मुख्यमंत्री के स्तर पर होगी तो इसका प्रभाव नीचे तक अवश्य जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ भी मोर्चा खोला है, जोकि उचित है हालांकि इसकी लगातार निगरानी आवश्यक है।

 

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