अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण: राष्ट्रपति ने किया श्रीराम यंत्र का पूजन
President Performs Worship of the Shri Ram Yantra
अयोध्या। A Historic Moment in Ayodhya, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को श्रीराम मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्रीराम यंत्र का पूजन किया। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आमंत्रण पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु डेढ़ वर्ष के अंतराल पर दूसरी बार अयोध्या पहुंची और राम मंदिर में श्रीराम यंत्र को स्थापित किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के राम मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्रीराम यंत्र के पूजन के दौरान उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव, ट्रस्टी डॉ अनिल कुमार मिश्र के अन्य गणमान्य मौजूद थे। यह कार्यक्रम राम मंदिर के लिए एक अत्यंत ऐतिहासिक क्षण है, जो 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद संपन्न हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अयोध्या के राम मंदिर के द्वितीय तल पर जिस श्रीराम यंत्र को स्थापित किया है, वह 150 किलोग्राम सोने से निर्मित एक दिव्य यंत्र है। चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर स्थापित यह यंत्र घर में समृद्धि, सुख और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
श्रीराम यंत्र को जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज ने भेजा था। इसे स्थापित करने का उद्देश्य मंदिर के वातावरण में शुद्धता और सकारात्मकता बनाए रखना है। माना जाता है कि यह यंत्र नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है।
यह पितृ दोष, शनि की साढ़ेसाती और राहु-केतु के दुष्प्रभावों को कम कर सकता है। यह यंत्र भगवान राम की शक्ति का प्रतीक है, जिसे विशेष पूजा और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापित गया है।