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राज भवन का घेराव करने जा रहे किसानों-मजदूरों को पुलिस ने चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर रोका

मोहाली। विभिन्न मांगोंं को लेकर मंगलवार को पंजाब राजभवन का घेराव करने के लिए पंजाब भर से भारी संख्या में आए किसानों-मजदूरों ने वाईपीएस चौक से चंडीगढ़ की ओर काफिले में कूच किया लेकिन पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें चंडीगढ़ में प्रवेश करने से रोक दिया और प्रदर्शनकारी किसानों पर पानी की तेजधार बौछार कर उनके काफिले को आगे नहीं जाने दिया।

हासिल विवरण के अनुसार किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के नेतृत्व में आज बड़ी संख्या में मोहाली में एकत्रित हुए किसानों और मजदूरों की ओर से चंडीगढ़ प्रवेश करना चाहा। लेकिन पहले से तैनात पुलिस ने पानी की तेजधार बौछार करने वाली आधा दर्जन गाडिय़ों की जबरदस्त बौछारों से उन्हें आगे जाने से रोक दिया।

इस दौरान प्रर्दशनकारी रोष में आ गए और नारेबाजी करते हुए आगे जाने लगे। लेकिन पानी की बौछारों के आगे उनकी एक न चली और यहां तक कि अनेक किसानों की पगडिय़ां उतर का धरने वाले पुल के पास जा गिरीं। वहीं, दो दर्जन किसान-मजदूर जख्मी हो गए। उन्हेें प्राथमिक उपचार के लिए फेस-6 स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

किसान-मजदूर आज सुबह से ही पंजाब के विभिन्न हिस्सों से मोहाली में पहुंचे हुए थे और भारी संख्या में एकत्रित होने बाद उन्होंने काफिले के रूप में चंडीगढ़ की ओर कूच किया । उनका चंडीगढ़ पहुंच कर राजभवन का घेराव करने का प्रोग्राम था। इस दौरान कोई अप्रिय घटना न घट जाए इसके लिए मोहाली की पुलिस भी बड़ी संख्या में अपने साजों-सामान के साथ तैनात थी और प्रर्दशनकारियों पर पूरी नजर बनाई हुई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहाली के एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर स्वयं मौके पर मौजूद रहे।

किसान मजदूर यूनियन पंजाब के नेता सतनाम सिंह पन्नू ने बताया कि वह आज शांतमयी तरीकों के साथ राजभवन का घेराव करने के लिए चंडीगढ़ जा रहे थे। उन्होंने कहा कि किसान मजदूरों की मांग है कि सरकार करमुक्त व्यापार समझौते में से भारत सरकार से बाहर आए और निजी व सरकारी जायदाद नुक्सान निरोधक एक्ट 2017 (काला कानून) को तुरंत रद्द किया जाए।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2०15 तक लगभग 3 लाख 18 हजार पांच सौ 28 किसान-मजदूर आत्म हत्याएं कर चुके हैं और 2019 तक यह संख्या चार लाख के करीब पहुँच चुकी है । इस दौरान किसान नेता सुखविन्दर सिंह सभरा, जसबीर सिंह, गुरलाल सिंह कुटिया, गुरबचन सिंह चम्बा, लखविन्दर सिंह अमृतसर, साहब सिंह,रणबीर सिंह, गुरप्रीत सिंह गुरदासपुर, कुलदीप सिंह होशियारपुर, सलविन्दर सिंह जालंधर, हाकम सिंह कपूरथला, गुलशन सिंह फाजिल्का, गुरप्रीत सिंह मोगा, अमरीक सिंह रोपड़, देसराज लुधियाना आदि नेताओं ने भी संबोधित किया।

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