लखनऊ: 8 अप्रैल को पुलिस और बैंकों की 'महाबैठक'; साइबर फ्रॉड रोकने का बनेगा फुलप्रूफ प्लान; ₹138 करोड़ की ठगी ने उड़ाई नींद

लखनऊ: 8 अप्रैल को पुलिस और बैंकों की 'महाबैठक'; साइबर फ्रॉड रोकने का बनेगा फुलप्रूफ प्लान; ₹138 करोड़ की ठगी ने उड़ाई नींद

Police and Banks to Hold Mega-Meeting on April 8

Police and Banks to Hold 'Mega-Meeting' on April 8

लखनऊ। Police and Banks to Hold 'Mega-Meeting' on April 8, बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए आठ अप्रैल को पुलिस और बैंकों के उच्चाधिकारियों की एक अहम बैठक होगी। पुलिस मुख्यालय में होने वाली इस बैठक में साइबर फ्राड मानिटरिंग सेल (सीएफएमसी) की गतिविधियों को और बढ़ाने के साथ ही वित्तीय फ्राड रोकने के तौर-तरीकों पर चर्चा होगी।

पिछले दिनों बैंकों के उच्चाधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह ने बैंक अफसरों को अवगत कराया था कि साइबर अपराधों में 86 प्रतिशत मामले वित्तीय धोखाधड़ी के हैं। बैंक बड़ी धनराशि का भुगतान करते समय अधिक से अधिक सतर्कता बरतें।

बैंक जागरूकता और प्रशिक्षण पर ध्यान दें, शाखा के स्तर पर सतर्कता अधिक जरूरी है। बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक व एसएलबीसी संयोजक एसके सिंह के मुताबिक साइबर फ्राड से खाताधारकों को बचाने के लिए बैंक कई स्तर पर काम कर रहे हैं।

शिकायत के बाद फ्रीज होती है धनराशि

राज्य में बनाई गई साइबर फ्रॉड मॉनिटरिंग सेल में पुलिस और बैंक के अधिकारी हर समय उपलब्ध रहते हैं। जैसे ही हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कोई शिकायत आती है, तत्काल ठगी गई धनराशि को फ्रीज कराने की कोशिश की जाती है। जागरूकता बढ़ने से लोग अब जल्द से जल्द हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराने लगे हैं।

पुलिस ने साइबर ठगी पर रोक के लिए सभी जिलों में साइबर थाने और सभी थानों में साइबर सेल की स्थापना कर दी है। जनवरी में प्रदेश में साइबर ठगी की 29,715 शिकायतें दर्ज हुईं थीं।

ठगी के शिकार इन लोगों से 138.32 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। इसमें से पुलिस ने 48.45 करोड़ रुपये संदिग्ध खातों में लियन लगाकर फ्रीज कराया था। लियन वह प्रक्रिया है, जिसमें संदिग्ध खातों में रकम को ट्रांसफर करने से रोका जाता है।