पटना बना देश का पहला जिला, जहां तैयार हुआ मॉडल हीट एक्शन प्लान

पटना बना देश का पहला जिला, जहां तैयार हुआ मॉडल हीट एक्शन प्लान

Patna Becomes the Country First District

Patna Becomes the Country's First District

पटना। Patna Becomes the Country's First District, मॉडल हीट एक्शन प्लान विकसित करने वाला देश का पहला जिला पटना बन गया है। इस प्लान की तैयारी एवं क्रियान्वयन विषयक हितधारक परामर्श-सह-मान्यता कार्यशाला का आयोजन शनिवार को समाहरणालय सभागार में किया गया।

इसका मुख्य उद्देश्य संबंधित विभागों एवं हितधारकों को मॉडल हीट एक्शन प्लान की रूपरेखा, कार्यप्रणाली, परिचालन संबंधी सुझावों तथा डिजिटल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) पोर्टल की उपयोगिता से अवगत कराना था। तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को जिले में हीट संवेदनशीलता की स्थिति, अधिक जोखिम वाले वर्गों तथा हीट हाटस्पाट्स की पहचान संबंधी जानकारी दी गई।

इसके साथ ही हीट वल्नरेबिलिटी इंडेक्स (एचवीआई) एवं हीट रिस्क इंडेक्स (एचआरआई) की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति में बताया गया कि एक्सपोज़र, सेंसिटिविटी एवं एडैप्टिव कैपेसिटी के आकलन के आधार पर प्राथमिकता वाले हस्तक्षेप क्षेत्रों की पहचान की जाती है।

क्रियान्वयन तंत्र, समन्वय व्यवस्था, आईईसी सामग्री के प्रसार, जन-जागरूकता रणनीतियों तथा निगरानी संकेतकों पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि हीट एक्शन प्लान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान, बीएसएमएके के निदेशक डॉ. सीएन प्रभु तथा एडीएम देवेन्द्र प्रताप शाही ने जिले में तीव्र शहरीकरण एवं जलवायु परिवर्तनशीलता के परिप्रेक्ष्य में स्थानीयकृत एवं सक्रिय हीटवेव तैयारी की आवश्यकता पर बल दिया।

आईपीई ग्लोबल के ग्लोबल हेड-क्लाइमेट चेंज एंड सस्टेनेबिलिटी डॉ. अविनाश मोहंती, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम इंडिया की प्रतिनिधि कल्या वाणी एवं एडीएमओ कुमार नमन भी मौजूद रहे।

समय के साथ हीट जोखिम की तीव्रता लगातार बढ़ रही

बताया गया कि शहरी केंद्र एवं परि-शहरी विकास कारिडोर पटना सदर, पटना सिटी/फुलवारी, बिहटा, दानापुर, बख्तियारपुर और बिक्रम वर्ष 2030 तक अत्यधिक उच्च एवं उच्च हीट रिस्क इंडेक्स (एचआरआइ) श्रेणी में बने रहेंगे। शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव और अनुमानित तापवृद्धि के कारण वर्ष 2040 से 2050 तक भी इनके अत्यधिक उच्च जोखिम श्रेणी में रहने की आशंका जताई गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, समय के साथ हीट जोखिम की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025 से 2030 के बीच एचआरआई में करीब 5.2 से 5.3 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, जबकि 2025 से 2035 के दौरान इसमें लगभग 8.13 से 8.22 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभावित है।