बिहार में 'नाम बदलो' की नई लहर: संजय गांधी के नाम से हटाए गए 3 संस्थान, अब अन्य शहरों की बारी
New wave of 'name change' in Bihar: 3 institutions named
पटना। सम्राट सरकार ने बिहार के तीन प्रमुख संस्थानों के नाम से दिवंगत कांग्रेस नेता संजय गांधी का नाम हटाकर नई राजनीति को हवा दे दी है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच राजनीति वार-पलटवार तेज होगी।
सरकार ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के माध्यम से संचालित दो संस्थान संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना एवं संजय गांधी जैविक उद्यान एवं विकास सोसाइटी, पटना का नाम बदल दिया है। दोनों संस्थान के नाम संजय गांधी का नाम हटा दिया गया है। शेष नाम यथावत रख गया है।
इसी तरह डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के एक संस्थान संजय गांधी गव्य प्रावैद्यिकी संस्थान, पटना का रूपांतरण बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना कर दी गई है। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि दोनों विभाग भी लंबे समय से भाजपा कोटे के मंत्रियों के पास रहे हैं।
अब संभावना है कि आने वाले दिनों में सुल्तानगंज का नाम बदलकर सरकार अजगैबीनाथ कर देगी। सरकार के समक्ष लंबे समय से यह मांग लंबित है। इसी तरह, बख्तियारपुर का नाम भी बदलने की मांग की जा रही है। इसी तरह अन्य कई शहरों के नाम भी बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
नीतीश ने कांग्रेस नेताओं को दिया सम्मान
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस नेताओं का सम्मान किया। नीतीश ने बेली रोड का नाम जवाहर लाल नेहरू पथ से बदलकर नेहरू पथ के रूप में प्रचारित किया।
साथ ही बख्तियारपुर का नाम बदलने के प्रस्ताव को हमेशा टालते हैं। गया का नाम बदलकर गयाजी एवं रघुनाथपुर का नाम बदल ब्रह्मेश्वर नाथ करने जैसे गिने चुने बदलाव ही किए।