माइग्रेशन नीति से छोटे उद्योगों पर पड़ेगा आर्थिक बोझ : लघु उद्योग भारती  

माइग्रेशन नीति से छोटे उद्योगों पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव : लघु उद्योग भारती

Migration Policy Will Increase Economic Pressure

Migration Policy Will Increase Economic Pressure

सब-हेड: मास्टर प्लान-2031 में 90% ग्राउंड कवरेज और सेवा उद्योगों को अनुमति देने की मांग

चंडीगढ़, 22 मई (अर्थ प्रकाश)  : Migration Policy Will Increase Economic Pressure, लघु उद्योग भारती, चंडीगढ़ ने मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपा है। संस्था ने औद्योगिक क्षेत्र और एमएसएमई सेक्टर के लिए व्यावहारिक राहत उपायों की मांग की।

संस्था के अध्यक्ष अवि भसीन ने कहा कि जोनिंग फ्रेमवर्क के तहत प्रस्तावित माइग्रेशन नीति से कई छोटे और मध्यम उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। बहुत सी इकाइयां माइग्रेशन से जुड़े खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि विकास और राहत के लाभ सभी औद्योगिक इकाइयों को समान रूप से मिलें।

लघु उद्योग भारती ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक प्लॉटों के लिए प्रस्तावित 60% ग्राउंड फ्लोर कवरेज को बढ़ाकर न्यूनतम 90% किया जाए। भूमि की उपलब्धता सीमित है और उद्योगों की परिचालन आवश्यकताएं बढ़ रही हैं।

संस्था ने यह भी मांग की कि सेवा उद्योग को एमएसएमई सेक्टर का अभिन्न हिस्सा मानते हुए चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में आधिकारिक रूप से अनुमति दी जाए। साथ ही मिल स्टोर्स, आयरन शीट व पाइप व्यापारी, हार्डवेयर सप्लायर्स, ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स डीलर्स और कार रिपेयर-सर्विस से जुड़े व्यवसायों को भी संचालन की अनुमति दी जाए।

संस्था ने चंडीगढ़ प्रशासन से आग्रह किया कि मास्टर प्लान-2031 को अंतिम रूप देते समय औद्योगिक क्षेत्र और जनहित का विशेष ध्यान रखा जाए।