भारत का चावल खाएगा मॉरीशस, भेजा जाएगा 14,000 टन गैर-बासमती, जुलाई 2023 से है निर्यात पर प्रतिबंध
BREAKING
जोशी ने गांव बड़ी करौर में रेत माफिया के हमले में घायल लोगों का कुशल-क्षेम जाना एमटीवी स्प्लिट्सविला एक्स 5 - एक्सयूज़ मी प्लीज़ के प्रतियोगी लक्ष्य, उन्नति और दिग्विजय राठी चंडीगढ़ में अपने फैन्स से मिले!* चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा गांव रायपुर खुर्द में चलाई जा रही अवैध निर्माण पर कार्रवाई का स्थानीय लोगों द्वारा जबरदस्त विरोध केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का यूपी में एक्सीडेंट; अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर निकले थे, तेज रफ्तार गाड़ी ने पीछे से मारी कार में टक्कर गुजरात के स्कूल में खौफनाक हादसा; क्लासरूम में लंच कर रहे थे बच्चे, अचानक गिर पड़ी दीवार, वीडियो में कैद पूरा मंजर देखिए

भारत का चावल खाएगा मॉरीशस, भेजा जाएगा 14,000 टन गैर-बासमती, जुलाई 2023 से है निर्यात पर प्रतिबंध

India Rice Export

India Rice Export

India Rice Export: भारत सरकार ने मॉरीशस को 14,000 टन गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात की मंजूरी दे दी है और ये अनुमति सोमवार को दी गई है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड- नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल) के जरिए मॉरीशस को 14,000 टन गैर-बासमती सफेद चावल निर्यात किए जाने की अनुमति दी गई है.

गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर है प्रतिबंध

सरकार ने घरेलू सप्लाई बढ़ाने के लिए 20 जुलाई, 2023 से ही गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया हुआ है. लेकिन कुछ देशों को अनुरोध पर उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतें पूरा करने के लिए सरकार निर्यात की अनुमति देती है. इससे पहले भारत ने तंजानिया, जिबूती और गिनी-बिसाऊ सहित कुछ अफ्रीकी देशों को इस चावल के निर्यात की अनुमति दी है. इसके अलावा नेपाल, कैमरून, कोटे डि-आइवरी, गिनी, मलेशिया, फिलिपीन और सेशेल्स जैसे देशों को भी गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात की अनुमति दी गई थी.

एनसीईएल के जरिए भेजा जाएगा चावल

एनसीईएल या नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड कई राज्यों में सक्रिय एक सहकारी समिति है. इसे देश की कुछ प्रमुख सहकारी समितियों अमूल, इफको, कृभको और नैफेड के जरिये संयुक्त रूप से बढ़ावा दिया जाता है.

चावल के एक्सपोर्ट पर जारी है बैन

केंद्र सरकार ने फरवरी में चावल के एक्सपोर्ट पर 20 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी 31 मार्च 2024 के बाद भी जारी रखने का ऐलान कर दिया था. इसके अलावा उसना चावल के निर्यात पर 20 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी 31 मार्च के बाद भी जारी रहने का एलान किया था. भारत ने मई, 2022 में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद जुलाई, 2023 में गैर बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर बैन लगाया था.

25 अगस्त को सरकार ने उच्च गुणवत्ता वाले बासमती चावल के रूप में नियमित सफेद गैर-बासमती चावल के अवैध शिपमेंट के संभावित मामलों को रोकने के लिए 1,200 डॉलर प्रति टन की कीमत से नीचे बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था.