ढीठ हुए कई सरकारी विभाग, जमा नहीं करा रहे प्रापर्टी टैक्स
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ढीठ हुए कई सरकारी विभाग, जमा नहीं करा रहे प्रापर्टी टैक्स

Depositing Property Tax

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नगर निगम को कुल 148.39 करोड़ रुपये की प्रापर्टी टैक्स की बकाया रकम है वसूलनी

चंडीगढ़, 13 अक्तूबर (साजन शर्मा)
आर्थिक बदहाली का रोना रोने वाले चंडीगढ़ नगर निगम को बहुत से डिफॉल्टर सरकारी विभागों से प्रापर्टी टैक्स नहीं मिल पा रहा है। निगम महज नोटिस व रिमाइंडर भेजने के अलावा इसे वसूलने के लिए कोई अतिरिक्त प्रयास भी नहीं कर रहा। यही वजह है कि सरकारी विभाग ढीठ बनकर बैठे हैं और बार बार मांगने के बावजूद पैसा जमा कराने को तैयार नहीं। शहर के कई सरकारी विभागों पर नगर निगम का प्रापर्टी टैक्स के रूप में करोड़ों बकाया है। यानि प्रापर्टी टैक्स जमा न कराने की वजह से यह विभाग निगम की सूची में डिफॉल्टर हैं। समय पर टैक्स न भरने से निगम को भी काफी नुकसान भी हो रहा है। इसमें केवल एक दो विभाग नहीं बल्कि दर्जनों विभाग हैं जिन पर बकाया खड़ा है। इसमें पंजाब व हरियाणा के भी कई विभाग हैं जिनकी चंडीगढ़ में बिल्डिंगें हैं।
निगम से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर में मौजूद कई सरकारी, निजी और कमर्शियल बिल्डिंग मालिकों से उसे कुल 148.39 करोड़ रुपये की प्रापर्टी टैक्स की बकाया रकम वसूलनी है। 1 अप्रैल से अभी तक निगम को सिर्फ 54.76 करोड़ रुपये का टैक्स ही मिल पाया है। शहर के 19,398 कमर्शियल टैक्स पेयर्स ने निगम को प्रापर्टी टैक्स के तौर पर 38.51 करोड़ रुपये का टैक्स दिया है। करीब सवा 81 हजार  रिहायशी घरों में रहने वालों ने 16.25 करोड़ रुपये टैक्स के तौर पर भरे हैं।


पंजाब और हरियाणा की चंडीगढ़ में जो इमारतें बनी हैं उन पर 10.17 करोड़ रुपये का बकाया प्रापर्टी टैक्स है। चंडीगढ़ के चीफ इंजीनियर ऑफिस की कई बिल्डिंगों का भी 9.30 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स बकाया दिखाया जा रहा है। देश की बेहतरीन यूनिवर्सिटियों में शुमार पंजाब यूनिवर्सिटी प्रापर्टी टैक्स भरने के मामले में डिफॉल्टर है। इस पर सबसे अधिक 22.69 करोड़ रुपये का प्रापर्टी टैक्स बकाया है।
इसी तरह देश के बेहतरीन मेडिकल संस्थानों की सूची में अव्वल पीजीआई का भी 11.96 करोड़ रुपये का प्रापर्टी टैक्स बकाया बताया जा रहा है।


लगातार विभागों को अवगत करा रहा निगम

नगर निगम प्रशासन लगातार टैक्स भरने के लिए विभागों को लिखता रहता है। जहां पंजाब-हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रापर्टी टैक्स के बकाये को लेकर अवगत कराया गया है वहीं उन्हें जल्द यह अमाउंट भरने को भी कहा गया है। इसी तरह चंडीगढ़ के उच्च अधिकारियों तक भी बकाया प्रापर्टी टैक्स वाले विभागों की सूची पहुंचा दी गई है। इन विभागों को पहले कई नोटिस और रिमांइडर भेजे जा चुके हैं लेकिन यह विभाग ऐसे ढीठ हैं कि बकाया भरने का नाम नहीं ले रहे।