यूपी भाजपा संगठन में बड़ा मंथन, नई टीम पर दिल्ली की मुहर का इंतजार
Major Deliberations Within UP BJP Organization
लखनऊ। Major Deliberations Within UP BJP Organization, चुनावी वर्ष में प्रदेश संगठन को नए सिरे से गढ़ने उतरी भाजपा समीकरणों की उलझन पूरी तरह सुलझा नहीं पाई है। संगठन एवं सरकार के शीर्ष चेहरों के बीच कई चरणों में मंथन के बाद अनुभव, जातीय एवं क्षेत्रीय समीकरणों को मथकर प्रदेश की सूची तो बना ली, लेकिन अंतिम मुहर नई दिल्ली से ही लगेगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह को नई दिल्ली बुलाकर सूची पर चर्चा करेंगे, जिसके बाद टीम घोषित होगी।
मूल कैडर, शिक्षा एवं संगठनात्मक अनुभव को वरीयता दी जाएगी। गैर दलों से आए लोगों को पार्टी महत्वपूर्ण भूमिका देने से बचेगी।
उत्तर प्रदेश के चुनावी मौसम में राजनीति का पारा तेजी से चढ़ रहा है। भाजपा ने विरोधी दलों को चुनावी कुरुक्षेत्र में घेरने के लिए हर प्रकार का दांव चला है। पार्टी ने सबसे पहले संगठन का नट बोल्ट कसा। सात साल बाद जिलों की टीम बना ली गई।
मंत्रिमंडल विस्तार कर लिया गया, लेकिन प्रदेश पदाधिकारियों एवं छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा नहीं की जा सकी। पहले कहा जा रहा था कि नए साल में प्रदेश संगठन बन जाएगा, लेकिन इस पार्टी बीच-बीच में अभियानों एवं कार्यक्रमों में व्यस्त नजर आई।
पार्टी ने मार्च में 2802 नगरीय पार्षदों का समायोजन किया, इसके बाद जिलों का संगठन बना, लेकिन प्रदेश इकाई एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों को लेकर पार्टी बड़ी सतर्कता से आगे बढ़ रही है।
पार्टी की रणनीति है कि बड़े बदलावों से कार्यकर्ताओं में संदेश पहुंचेगा, वहीं हटाए गए पदाधिकारियों को मोर्चों, प्रकोष्ठों एवं अन्य पदों पर समायोजित कर उनके समर्थकों को भी साधा जा सके। प्रदेश इकाई में कई नाम ऐसे हैं जिनके लंबे अनुभव का पार्टी फायदा उठाना चाहेगी। लेकिन वो अन्य मानकों में फिट नहीं मिल रहे।
प्रदेश इकाई में 60 प्रतिशत पदाधिकारियों को बदले जाने की चर्चा है। उत्तर प्रदेश से छह नामों को केंद्रीय टीम के लिए भेजा गया है। लेकिन इन सबके बीच अहम सवाल यह है कि क्या पार्टी आयोग, निगम, बोर्ड एवं प्राधिकरण में बड़ी संख्या में खाली पड़े रिक्त पदों को पहले भरा जाएगा या फिर प्रदेश इकाई को जल्द घोषित करेगी।