लखनऊ की बास्केट चाट: स्वाद, विरासत और वैश्विक पहचान
Lucknow's Basket Chaat: Taste, Heritage and Global Recognition
लखनऊ। लखनवी खानपान की दुनिया दीवानी है। यह शहर न केवल खाने की विरासत को संजोए हुए है, बल्कि अपने भोजन में समाज के हर वर्ग के लोगों का स्वाद भी समाहित किए हुए है।
इनमें से एक लखनवी बास्केट चाट का जायका अलग ही है। हजरतगंज, चौक, चटोरी गली और अन्य स्थानों पर दिनभर चाट खाने वाले आते रहते हैं। बास्केट चाट है ही ऐसी कि एक बार खाइए, बार-बार खाने को जी चाहेगा।
हाल ही में लखनऊ की बास्केट चाट ऑस्ट्रेलिया में खूब पसंद की गई है। इस स्ट्रीट फूड बास्केट चाट ने मास्टरशेफ ऑस्ट्रेलिया-2026 की शीर्ष 10 प्रविष्टियों में जगह बनाई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी लखनऊ के चाट की प्रशंसा 2023 में ऑस्ट्रेलिया में ही कर चुके हैं। पिछले वर्ष नवंबर में यूनेस्को द्वारा 'क्रिएटिव सिटी आफ गैस्ट्रोनामी' से सम्मानित लखनऊ के व्यंजनों की पहचान दुनियाभर में है।
भारतीय मूल की प्रतिभागी कनिका गद्योक ने 19 अप्रैल से शुरू मास्टरशेफ ऑस्ट्रेलिया-2026 में 'कटोरीचाट' (बास्केट चाट) को प्रस्तुत किया। इस व्यंजन ने बटरफ्लाई ट्राउट, आक्स-टेल रैवियोली और बटेर सहित कई व्यंजनों को पीछे छोड़ दिया।
कुरकुरे पैटी, चटपटी चटनी के स्वादों से भरपूर यह व्यंजन आलू के टुकड़ों और आटे से बनी खाने वाली टोकरी में परोसा जाता है, जिसमें स्वादिष्ट सामग्री भल्ले, पापड़ी, उबली मटर, दही, मसाले, सेव, अनार दाना आदि का मिश्रण भरा होता है। इसे 'लखनवी चाट का राजा' कहा जाता है।
तीन दशक पहले हुआ बास्केट चाट का जन्म
इस मशहूर चाट की कहानी किसी सोची-समझी रेसिपी का परिणाम नहीं, बल्कि एक दिलचस्प संयोग है। करीब तीन दशक पहले लखनऊ के शेफ हरदयाल मौर्य आलू के लच्छों से कुछ नया बनाने की कोशिश कर रहे थे।
गरम कड़ाही पर आलू के लच्छे चिपक गए और जब उसे तेल में डाला तो वो एक 'टोकरी' के आकार में आ गए। यहीं से जन्म हुआ लखनऊ की 'बास्केट चाट' का। शहर में कोई भी विशिष्ट व्यक्ति आता है तो यहां की चाट का लुत्फ अवश्य लेता है।
प्रधानमंत्री ने सिडनी में सराहा था
मई 2023 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लखनऊ की चाट की प्रशंसा की थी। उन्होंने यहां के खान-पान का जिक्र करते हुए कहा था- जब खाने की बात चलती है तो चाट की बात आती है और लखनऊ का नाम आना भी स्वाभाविक ही है।
क्रिएटिव सिटी आफ गैस्ट्रोनामी से बढ़ी प्रसिद्धि
यूनेस्को ने गत वर्ष 31 अक्टूबर को लखनऊ को अपनी 'क्रिएटिव सिटी आफ गैस्ट्रोनामी' की श्रेणी में शामिल किया था। यह लखनऊ के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान है, जो इसे दुनिया के बेहतरीन खान-पान वाले शहरों के साथ खड़ा करता है। इस सम्मान से लखनऊ के व्यंजनों की प्रसिद्धि दुनियाभर में बढ़ रही है।