Mojtaba Khamenei Health: दावा: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई बेहोश पड़े; जंग के बीच फैसले लेने की हालत में नहीं

दावा: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई बेहोश पड़े; जंग के बीच फैसले लेने की हालत में नहीं, लंबे समय से स्थिति गंभीर, पढ़ें

Iran Supreme Leader Mojtaba Khamenei unconscious news update

Iran Supreme Leader Mojtaba Khamenei unconscious news update

Mojtaba Khamenei Health: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर लगातार यह रिपोर्ट सामने आ रही है की उनकी स्थिति ठीक नहीं है। अब एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें यह दावा किया गया है की मोजतबा खामेनेई इस समय बेहोशी की हालत में पड़े हैं और वह गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं। अमेरिका-इजरायल से जारी जंग में वह ईरान के लिए फैसले नहीं ले पा रहे हैं। ईरानी शासन की ओर से लिए जाने वाले किसी भी फैसले में शामिल होने में वह असमर्थ हो रहे हैं।

बताया यह भी जा रहा है कि ईरान के कोम शहर में मोजतबा का इलाज चल रहा है। यह पहली बार है जब ईरान के नए सुप्रीम लीडर के ठिकाने का खुलासा हुआ है। हालांकि, इस पर ईरान से आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। कोम शहर, तेहरान से 87 मील (लगभग 140 किलोमीटर) दक्षिण में स्थित है। इस शहर को शिया इस्लाम में पवित्र माना जाता है और इसे इस्लामी गणराज्य की धार्मिक राजधानी के रूप में जाना जाता है।

जंग के बाद सार्वजनिक रूप से नहीं देखे गए मोजतबा

'अमेरिका-इजरायल' के साथ जंग शुरू होने और अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद मोजतबा सार्वजनिक रूप से नहीं देखे गए। इससे पहले खबरें आती रहीं हैं कि 56 साल के मोजतबा खामेनेई अमेरिका और इजरायल के हमलों में घायल हो गए थे। उस दौरान वह अपने पिता और परिवार के साथ ही थे. वहीं हाल ही में मोजतबा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह IRGC कमांड सेंटर में दिखाये गए थे, लेकिन मोजतबा के इस वीडियो को AI जनरेटेड बताया गया था।

ईरान बोल रहा- मोजतबा पूरी तरह ठीक

पिछले कुछ दिनों से कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ठीक नहीं हैं। किसी रिपोर्ट में कहा जा रहा कि मोजतबा कोमा में हैं तो किसी रिपोर्ट में कहा गया कि वह अमेरिका-इजरायल हमलों में बुरी तरह से घायल हैं और उनका एक पैर काटना पड़ा है। हाल ही में अमेरिका के रक्षा मंत्री ने भी कहा था कि ईरान के कथित नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्थिति ठीक नहीं है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा था कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर को सरेंडर कर देना चाहिए।

हालांकि ईरान की तरफ से इन सभी रिपोर्ट्स और दावों को खारिज कर दिया गया था। ईरान का कहना है कि देश के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक हैं। गौरतलब है कि बीते 1 मार्च को 'अमेरिका-इजरायल' ने भीषण हमले में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मार दिया था। अली खामेनेई के साथ उनकी पत्नी और एक बेटे की भी मौत हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, बड़े खामेनेई का शव को कोम में दफनाने की तैयारी की जा रही है। कोम को शिया धर्मगुरुओं की सत्ता का केंद्र माना जाता है।

जंग थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे

फिलहाल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच 'ईरान और अमेरिका-इजरायल' जंग के अभी इतनी जल्दी थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। एक तरफ जहां ईरान को झुकाने के लिए 'अमेरिका-इजरायल' की तरफ से हमले तेज हो रखे हैं तो वहीं ईरान ने भी अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाने के लिए अपने हमले तेज कर दिए हैं। ईरान इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है। इसके साथ ही वह अन्य ढांचों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को भी निशाना बना रहा है।

माना जा रहा है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी इसलिए कर रहा है ताकि दुनिया में आर्थिक दबाव बढ़े और अमेरिका-इजराइल अपने हमले रोकने के लिए मजबूर हो जाएं। बता दें कि जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। साथ ही गैस आपूर्ती भी प्रभावित हो रही है। कुलमिलाकर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट गहरा रहा है। जिससे भारत भी अछूता नहीं है। भारत में भी तेल-गैस आपूर्ती को मिडिल ईस्ट जंग ने प्रभावित किया है।

जंग में अब तक 2500 से ज्यादा लोगों की मौत

28 फरवरी से जारी ईरान और 'अमेरिका-इजरायल' जंग में अब तक 2500 से ज्यादा लोगों (आम लोग और सैनिक) की मौत हो चुकी है और करीब 7000 से अधिक लोग घायल हैं। ईरान में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के साथ-साथ कई ईरानी शीर्ष कमांडर और नेता भी मारे गए हैं। साथ ही इस संघर्ष में ईरान में बड़ी संख्या में घर और बुनियादी सार्वजनिक ढांचे भी नष्ट हुए हैं।

इधर ईरान के साथ युद्ध शुरू करने पर अमेरिका जो सोच रहा था वैसा हुआ नहीं। ईरान को कमतर आंकना अमेरिका की चूक रही। अब हालत यह है कि अगर अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर ईरान में तबाही मचा रहा है तो ईरान के जवाबी हमलों में अमेरिका भी काफी कुछ खो रहा है। इस जंग में अमेरिका के भी 13 सैनिक अब तक मारे जा चुके हैं, जबकि लगभग 200 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हैं, जिनमें से कई गंभीर हैं। इसके साथ कई अमेरिकी विमानों और सैन्य ठिकानों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहीं इरानी हमलों में अमेरिका-इजरायल के अलावा यूएई, बहरीन, क़तर, कुवैत जैसे खाड़ी देशों का भी व्यापक नुकसान हुआ है.