अन्तरराष्ट्रीय खिलाडी सगी दो बहनों विधिका व रिद्धिका ने किक बॉक्सिंग में जीते दो गोल्ड
Guna Daughters Won Medal Wushu
जम्मू यूनिवर्सिटी में आयोजित नार्थ जोन अस्मिता खेलों इंडिया किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में दोनों बहनों ने गोल्ड बटोर प्रदेश का नाम किया रोशन
फरीदाबाद की दोनों बेटियां अब तक बटोर चुकी हैं 50 से अधिक गोल्ड मेडल
प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल विजेता खिलाडियों के खाते में भारत सरकार भेजेगी 11 लाख 66 हजार रूपये
तमिलाडु के चैन्नई में 26 से 29 मार्च को नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेंगी सगी दोनों बहनें
फरीदाबाद। दयाराम वशिष्ठ: Guna Daughters Won Medal Wushu: जम्मू यूनिवर्सिटी के प्रागंण में चार दिवसयीय नॉर्थ जोन अस्मिता किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में फरीदाबाद की अंतरराष्ट्रीय खिलाडी सगी दो बहनों विधिका कौशिक व रिद्धिमा कौशिक ने एक बार फिर गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। दोनों बहनों ने लाइट किक बॉक्सिंग में दूसरे खिलाडी को हराकर गोल्ड मेडल जीते। अब ये दोनों बहनें तमिलनाडु के चैन्नई में 26 से 29 मार्च को नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेंगी। इससे पहले भी ये सगी दो बहनें अब तक 50 से अधिक गोल्ड मेडल जीत चुकी है।
भारत सरकार के खेल मंत्रालय की ओर से महिलाओं के लिए इस प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया। जिसमें जोनल लेवल पर नार्थ जोन के 8 राज्यों से 600 महिला खिलाडियों ने भाग लिया। अस्मिथा खेल इंडिया के माध्यम से महिलाओं को आगे लाने के लिए यह प्रतियोगिता बहुत खास रही है।
इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल विजेता खिलाडियों के खाते में भारत सरकार की ओर से 11 लाख 66 हजार रूपये उसके खाते में भेजा जाएगा। इस प्रतियोगिता में देश भर से 100 से ज्यादा ऐसे भी खिलाडियों ने भाग लिया, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीते हैं।
दोनों बहनों का एक बार फिर किया जाएगा भव्य स्वागत
फरीदाबाद के सेक्टर 19 स्थित डीपीएस स्कूल की ये दोनों छात्रा खेलों में लगातार गोल्ड मेडल बटोर रही हैं। ड्रैंगन मार्शल लॉ एकेडमी के कोच दिव्या व संतोष थापा ने अन्य खिलाडियों के साथ दोनों बहनों का फूल मालाओं से स्वागत कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। गोल्ड बटोरने के बाद फरीदाबाद पहुंचने पर दोनों सगी बहनों का एक बार फिर से भव्य स्वागत किया जाएगा।
10 साल में जीते 50 से अधिक गोल्ड
दोनों बहनों की उम्र भले ही अभी कम है, लेकिन इन्होने किक बॉक्सिंग में जो महारथ हासिल की है, वह वाकई काबिलेतारिफ है। अब तक ये दोनों बहनें 50 से अधिक गोल्ड मेडल बटोर चुकी है। कोच संतोष थापा ने बताया कि पिछले 10 साल से ड्रैगन मार्शल आर्ट ऐकेडमी में ट्रैनिंग कर रही है। शुरूआत में रिद्धिमा कौशिक ने फिटनैस व सेल्फ डिफेंस के उद्देश्य से ट्रैनिंग की गई थी, लेकिन आज वर्ल्ड स्तर की इंटरनेशनल खिलाडी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। दोनों बेटियों के गोल्ड मेडल जीतने पर प्रसन्नता जहिर करते हुए व्यवसायी पिता सुरेंद्र कौशिक व माता रितु कौशिक ने बताया कि उनकी बेटी आए दिन खेलों में देश व प्रदेश को गौरन्वित कर रही है। हमें उम्मीद है कि एक दिन बेटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किक बॉक्सिंग व वूशु में पहले स्थान पर आकर भारत का नाम रोशन करेगी।