उत्तर प्रदेश का औद्योगिक कायाकल्प: मेरठ में बनेगा विशाल 'इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर'
Industrial rejuvenation of Uttar Pradesh
लखनऊ। Industrial rejuvenation of Uttar Pradesh: मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आइएमएलसी) की स्थापना की जाएगी। 200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में स्थापित होने वाले आइएमएलसी में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर 213.81 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
मुख्यमंंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष राज्य के सभी एक्सप्रेसवे के किनारे बेहतर कनेक्टिविटी के मद्देनजर 29 आइएमएलसी की स्थापना की घोषणा की थी। इसके बाद विभिन्न जिलों में आइएमएलसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। इसी सिलसिले में मेरठ में स्थापित होने वाले आइएमएलसी में सड़क, आरसीसी, नालियां, फायर स्टेशन, पेयजल आपूर्ति, फैन्सिंग व बिजली की आपूर्ति सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 213.81 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि अटल इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत खर्च की जाएगी। इस परियोजना को 18 माह में पूरा किया जाना है।
निवेशक कंपनियों को दी जाएगी 82.65 करोड़ रुपये की सब्सिडी
कैबिनेट की बैठक में विदेशी निवेश व त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत तीन कंपनियों को 82.65 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में मेसर्स टीआइ मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 215.20 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश करने पर फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी के रूप में 14.77 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
इसे लेकर इम्पावर्ड कमेटी की पिछले वर्ष मई में हुई बैठक में संस्तुति प्रदान की गई थी। वहीं मेसर्स विजन सोर्स एलएलपी को 209.14 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश पर 65.35 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं, त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत इम्पावर्ड कमेटी द्वारा मेसर्स यूनिलीवर इंडिया लिमिटेड, हमीरपुर, बुंदेलखंड को जीएसटी पर 2.53 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी देने संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई है।