कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट, पेट्रोल-डीजल और LPG के दामों में मिल सकती है राहत

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Sharp drop in crude oil prices

दिल्ली। Sharp drop in crude oil prices, पश्चिम एशिया में तनाव के चलते ईंधन के बढ़ते दामों के बीच सोमवार सुबह एक राहत भरी खबर सामने आई है। जिसके बाद आने वाले समय में डीजल-पेट्रोल और LPG की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। 

दरअसल, रविवार को तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 3.9% गिरकर $84 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US क्रूड 4.8% गिरकर लगभग $81 प्रति बैरल हो गया।

यह गिरावट ट्रंप के उस एलान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच में समझौता पूरा हो गया है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब बिना टोल के खोल दिया जाएगा। 

 

ट्रंप ने लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। मैं इसके जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी शुल्क के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं। साथ ही, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं। दुनिया भर के जहाज़ों, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!"

होर्मुज दुनिया के ट्रेड का एक अहम रास्ता

होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का काफी तेल शिपमेंट गुजरता है। फरवरी के आखिर में शुरू हुए टकराव के बाद से यह बंद रहा है। ईरान के एक सांसद के अनुसार, कुछ कमर्शियल जहाज इस जलमार्ग से गुजरने के लिए औसतन लगभग 2 मिलियन डॉलर का भुगतान करते थे।

जानकारों ने चेतावनी दी थी कि जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में लगातार रुकावट से तेल की कीमतें $100 के मध्य से उच्च स्तर तक पहुंच सकती हैं और अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं।

यही कारण है कि पूरी दुनिया जल्द से जल्द समझौता चाह रही थी, जिस पर आज कामयाबी मिल गई। जैसे ही ट्रंप ने डील पूरी होने का अनांउस किया कच्चे तेज के दाम गिर गए।

19 जून को होंगे समझौते पर साइन 

ट्रंप का यह ऐलान व्हाइट हाउस में उनके 80वें जन्मदिन के मौके पर होने वाले UFC इवेंट से कुछ घंटे पहले आया। यह घटनाक्रम पाकिस्तान समेत कई मध्यस्थों की कई दिनों की कूटनीतिक कोशिशों के बाद हुआ।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच गहन बातचीत के बाद शांति समझौते पर सहमति बनी है। शरीफ ने कहा कि दोनों पक्ष लेबनान समेत सभी जगहों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने पर सहमत हो गए हैं और इस समझौते पर 19 जून को स्विट्ज़रलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे।