लोकसभा में अचानक क्यों टला PM मोदी का संबोधन? सरकार को घेरने का विपक्ष का प्लान डिकोड!
Uproar In Lok Sabha
नई दिल्ली: Uproar In Lok Sabha: संसद के बजट सत्र का बुधवार को छठा दिन था, लेकिन लोकसभा में हंगामा जारी रहा. विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार पर हमला बोला, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई. हद तो तब हो गई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने का कार्यक्रम शाम 5 बजे तय था, लेकिन कांग्रेस सांसद पोस्टर बैनर लेकर स्पीकर के चेयर तक पहुंच गए. हालांकि पीएम मोदी तब तक लोकसभा में नहीं पहुंचे थे.
स्पीकर ने जब सदन कल तक के लिए स्थगित किया तब कांग्रेस की महिला सांसद ज्योति मणि और वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में कुछ कांग्रेस सांसद सत्तापक्ष में मौजूद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की तरफ लपके, जिससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच काफी हो हल्ला हुआ.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने का कार्यक्रम शाम 5 बजे तय था, लेकिन भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही कल (5 फरवरी) सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई. पीएम मोदी आज सदन में नहीं बोल पाए.
विपक्ष के नेता राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) मनोज नरवणे की किताब को लेकर सरकार पर लगातार आरोप लगा रहे हैं. राहुल गांधी ने इसे सदन में उठाया और अप्रकाशित किताब प्रधानमंत्री को सौंपने पर जोर दिया.
वहीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी आज कई किताब का हवाला देते हुए कांग्रेस पर हमला बोला जिसका कांग्रेस सदस्यों ने जोरदार हंगामे के साथ विरोध किया और लोकसभा 5 बजे तक एक बार फिर स्थगित कर दी गई, जिससे "बुक बनाम बुक" विवाद बढ़ गया. स्पीकर के दफ्तर में भी पक्ष-विपक्ष के सांसद भिड़ गए. राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई. राहुल के एक वीडियो में "गद्दार दोस्त" कहने पर बीजेपी ने इसे सिख समुदाय का अपमान बताया और विरोध प्रदर्शन भी किया.
लोकसभा और राज्यसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर लगातार विवाद चलता रहा, कांग्रेस डील को किसान विरोधी बता रही है, जबकि सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सफाई देते हुए बताया कि इस डील से किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा. इसके बावजूद कांग्रेस और विपक्ष के सांसद डील के विरुद्ध नारेबाजी करते रहे.
देखा जाए तो बुधवार का दिन लोकसभा में हंगामे की भेंट चढ़ गया. सदन में पूरे दिन नारेबाजी, किताबें दिखाना, आपत्तिजनक टिप्पणियां और स्पीकर की नाराजगी देखने को मिली.
राज्यसभा में भी कुछ समय के लिए हंगामा हुआ, लेकिन लोकसभा जितना गंभीर नहीं था. विपक्ष का आरोप है कि सरकार चर्चा से भाग रही है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर संसद नहीं चलने दे रहा.
गुरुवार सुबह 11 बजे से फिर कार्यवाही शुरू होगी. सरकारी सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब राज्यसभा में बोलेंगे, क्योंकि जिस तरह से कांग्रेस के तेवर तल्ख दिख रहे उसे देखकर लगता नहीं कि प्रधानमंत्री के बोलने का माहौल लोकसभा में तैयार हो पाएगा.
कुल मिलाकर संसद में बुधवार को विकास से ज्यादा राजनीतिक घमासान और हंगामा ही होता रहा. विपक्ष लामबंद दिख रहा है और उनके तेवर देखकर लगता है कि इस बार बजट सत्र में भी सरकार को विपक्ष का साथ नहीं मिलने वाला.