लखनऊ में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ा: अब मिलेगा 18,000 रुपये तक वेतन

लखनऊ में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ा: अब मिलेगा 18,000 रुपये तक वेतन

Honorarium Increased for Shikshamitras

Honorarium Increased for Shikshamitras

लखनऊ। Honorarium Increased for Shikshamitras, परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी के फैसले पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष पांच सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर इसकी घोषणा की थी, जिसे अब एक अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

बढ़ा हुआ मानदेय एक मई से उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसके तहत परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को अब 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इससे पहले शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को 9 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा था।

कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में दिया जाता रहा है। मानदेय बढ़ने के बाद इन पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा, जिसे प्रदेश सरकार वहन करेगी।

इसके अलावा 13,597 शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिनका मानदेय पूरी तरह राज्य सरकार देती है। इनके लिए 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार भी राज्य सरकार उठाएगी। वहीं, प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं।

मानदेय वृद्धि के इस फैसले से इन्हें भी सीधा लाभ मिलेगा। इनके बढ़े मानदेय पर 217.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय सरकार वहन करेगी। इस तरह शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर कुल 1475 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, लेकिन इससे बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मियों को आर्थिक राहत मिलेगी।

ऐसे बढ़ता रहा शिक्षामित्रों का मानदेय

  • शिक्षामित्रों की 26 मई, 1999 को 11 माह के अनुबंध पर नियुक्ति।
  • वर्ष 2001 में नियुक्ति के समय 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय।
  • वर्ष 2002: यह 2250 रुपये हुआ।
  • वर्ष 2005: मुलायम सिंह सरकार के दौरान मानदेय बढ़ाकर 2400 रुपये।
  • वर्ष 2007: मायावती सरकार ने इसे बढ़ाकर तीन हजार प्रतिमाह कर दिया।
  • वर्ष 2014-15: तत्कालीन सपा सरकार ने प्रशिक्षित शिक्षामित्रों का समायोजन कर सहायक शिक्षक कर दिया, जिससे इनका वेतन 30 से 40 हजार के बीच हो गया।
  • वर्ष 2017: सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद होने के बाद शिक्षामित्र वापस मूल मानदेय 3500 रुपये पर आ गए।
  • वर्ष 2017: योगी सरकार ने मानदेय 10 हजार कर दिया।
  • वर्ष 2025: पांच सितंबर को मुख्यमंत्री की ओर से मानदेय बढ़ाने की घोषणा।
  • वर्ष 2026: एक अप्रैल से 18 हजार रुपये मानदेय लागू, कैबिनेट की स्वीकृति।