पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं : मुख्यमंत्री

No Compromise on the Convenience and Safety of Tourists

No Compromise on the Convenience and Safety of Tourists

खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित दरों की सख्त अनुपालना के निर्देश

शिमला। No Compromise on the Convenience and Safety of Tourists: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नगर निगम शिमला को शहर में पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शनिवार देर सायं मालरोड शिमला सहित अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी वेंडर खाद्य पदार्थों अथवा अन्य वस्तुओं के निर्धारित मूल्य से अधिक दाम न वसूले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मापदंडों की सख्ती से अनुपालना की जाए। उन्होंने कचरे के सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान के लिए नियमों को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की पहचान उसकी स्वच्छता और व्यवस्थाओं से होती है। शिमला आने वाले पर्यटकों को बेहतर और सुखद अनुभव मिलना चाहिए, साथ ही स्थानीय निवासियों की सुविधा और दैनिक आवश्यकताओं का ध्यान रखना भी अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों में जन सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। हाल ही में ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ अभियान के अंतर्गत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और नागरिकों की उभरती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास की एक समावेशी और टिकाऊ नीति अपनाई जा रही है।

छोटे दुकानदारों के हित में लिए गए निर्णय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन दुकानदारों पर एक लाख रुपये तक का ऋण बकाया है और जिन्हें बैंकों द्वारा गैर-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित किया गया है, उन्हें एक लाख रुपये तक की एकमुश्त भुगतान सुविधा प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार एक से दो लाख रुपये तक के बकाया ऋण वाले दुकानदारों को भी एक लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नागरिक सेवा मंच के माध्यम से शहरी जन सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाया गया है। पहले चरण में प्रारंभ की गई नौ ऑनलाइन सेवाओं के लिए 2.5 लाख से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण किया है। दूसरे चरण में भी नौ नई सेवाएं जोड़ी गई हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार व जनता के बीच की दूरी कम होगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल डोर प्लेट के माध्यम से प्रत्येक शहरी घर को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान की जा रही है, जो शहरी शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।