हिमाचल में लागू हुई ‘स्कूल क्लस्टर प्रणाली’, ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर बदलेगी
- By Gaurav --
- Monday, 05 Jan, 2026
Himachal Pradesh implements 'School Cluster System', will change the face o
प्रदेश सरकार ने अपनी नवोन्मेषी पहल ‘स्कूल क्लस्टर प्रणाली’ को पूरे राज्य में औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। यह व्यवस्था विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से अलग-थलग पड़े एकल विद्यालयों की समस्या का समाधान करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का हर बच्चा—चाहे वह किसी भी भौगोलिक क्षेत्र में रहता हो—समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।
1,968 स्कूल क्लस्टर, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बने हब
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य में कुल 1,968 स्कूल क्लस्टर गठित किए गए हैं।
इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को ‘हब स्कूल’ बनाया गया है, जिसके अंतर्गत 7 से 8 प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालय प्रशासनिक रूप से जुड़े हैं।
इन सभी स्कूलों का संचालन संबंधित हब स्कूल के प्रधानाचार्य की देखरेख में होगा, जिन्हें प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हब-एंड-स्पोक मॉडल से संसाधनों का साझा उपयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले छोटे स्कूलों के विद्यार्थी हब स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक आईसीटी लैब, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और बहुउद्देशीय खेल परिसर जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इससे ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता का अंतर कम करने में मदद मिलेगी।
अव्यवस्थित स्कूल नेटवर्क की हुई वैज्ञानिक समीक्षा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यभार संभालने के समय कई विद्यालयों में नामांकन शून्य या बेहद कम था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार ने बिना वैज्ञानिक योजना और पर्याप्त बजट प्रावधान के हजारों संस्थान खोल दिए, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ा।
31 दिसंबर 2025 तक 770 स्कूल बंद, 532 का विलय
सरकार द्वारा की गई व्यापक समीक्षा के बाद:
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770 प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल, जिनमें नामांकन शून्य था, बंद किए गए
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532 स्कूल, जिनमें 5 से कम विद्यार्थी थे और पास में अन्य स्कूल उपलब्ध थे, नजदीकी स्कूलों में विलय किए गए
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कम नामांकन के कारण 21 वरिष्ठ माध्यमिक और 21 उच्च विद्यालयों का स्तर घटाया गया या उन्हें बंद किया गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ स्कूलों में चार-पांच शिक्षक थे लेकिन विद्यार्थी दो से भी कम, जो सार्वजनिक धन का दुरुपयोग था।
शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात सुधरेगा, संसाधनों का बेहतर उपयोग
सरकार ने नए संस्थान खोलने के बजाय संरचनात्मक दक्षता पर ध्यान दिया है।
शहरी क्षेत्रों के अतिरिक्त शिक्षकों को दूरदराज़ इलाकों में स्थानांतरित किया गया है और रिक्त पदों को आवश्यकता के अनुसार भरा जा रहा है। इससे स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं तक सभी विद्यार्थियों की समान पहुंच सुनिश्चित होगी।
अंग्रेजी माध्यम, डे-बोर्डिंग स्कूल और एक्सपोजर विजिट
प्रदेश सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी पूरी करते हुए कक्षा पहली से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू कर दी है।
इसके साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जा रहे हैं।
शिक्षकों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट्स पर भी भेजा जा रहा है।
नेशनल अचीवमेंट सर्वे में बड़ी छलांग
इन सुधारों का असर शिक्षा के परिणामों पर भी दिखा है।
नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) में हिमाचल प्रदेश ने 21वें स्थान से छलांग लगाकर जून 2025 तक 5वां स्थान हासिल किया है।
शिक्षा के साथ समुदाय भी होगा मजबूत
स्कूल क्लस्टर प्रणाली के माध्यम से प्रदेश सरकार न केवल शिक्षा को आधुनिक बना रही है, बल्कि सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाकर विद्यार्थियों के समग्र विकास को भी प्रोत्साहित कर रही है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत शैक्षिक नींव तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।