सेब आयात शुल्क पर हिमाचल-कश्मीर की साझा रणनीति

सेब आयात शुल्क पर हिमाचल-कश्मीर की साझा रणनीति

Himachal and Kashmir have a common strategy

Himachal and Kashmir have a common strategy

  1. CM सुक्खू ने सेब आयात शुल्क पर उमर अब्दुल्ला से चर्चा की।

  2. केंद्र के शुल्क कटौती से हिमाचल-कश्मीर का सेब कारोबार प्रभावित।

  3. सुक्खू दिल्ली में राहुल गांधी से राजस्व घाटा अनुदान पर मिलेंगे।

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार सेब आयात शुल्क मामले पर जम्मू-कश्मीर को साथ लेकर केंद्र सरकार के पास पक्ष रखेगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सुक्खू वीरवार दोपहर श्रीनगर के लिए रवाना हुए। सुक्खू जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से सेब आयात शुल्क में कटौती पर चर्चा करेंगे। 

सीएम सुक्खू उमर अब्दुल्ला से आग्रह करेंगे कि वह भी इस मामले में उनका साथ दें। केंद्र सरकार ने यूरोपीय देशों व न्यूजीलैंड से आने वाले सेब पर शुल्क घटा दिया है। इससे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का सेब कारोबार प्रभावित होगा। हिमाचल के बागवान आयात शुल्क कम करने का विरोध कर रहे हैं।

बताया जा रहा है सीएम सुक्खू पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से भी इस मामले को लेकर चर्चा कर सकते हैं व एक साथ केंद्र सरकार से बात रखने की रणनीति बनाएंगे, ताकि पहाड़ी राज्यों के सेब कारोबार पर विपरीत असर न पड़े। हिमाचल प्रदेश में पांच हजार रुपये की सेब आर्थिकी है। 

श्रीनगर से दिल्ली जाएंगे सीएम सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सुक्खू वीरवार को श्रीनगर से दिल्ली जाएंगे। 20 फरवरी को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठक होगी। बैठक हिमाचल प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने से पैदा स्थिति पर केंद्रित रहेगी। 

राहुल गांधी संसद में उठाएंगे मुद्दा

ऐसा माना जा रहा है कि राहुल गांधी संसद के सत्र में हिमाचल प्रदेश से हो रहे भेदभाव को प्रमुखता से उठाएंगे। 16वें वित्तायोग ने राजस्व घाटा अनुदान को बंद किया है। इससे हिमाचल प्रदेश को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है।