मनुष्य को भगवान के भजन में अत्यधिक समय व्यतीत करना चाहिए: कथा व्यास पंडित बृजभूषण

Praises of God

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बघौला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में ज्ञान की गंगा में डूबे रहे श्रोतागण

पलवल। दयाराम वशिष्ठ: Praises of God: बघौला गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास पंडित श्री बृज भूषण ने अपनी मधुर वाणी से विदुर मैत्रेय, जडभरत जी का प्रसंग, ध्रुव जी के पावन चरित्र का सुंदर वर्णन करते हुए अजामिल उपाख्यान के माध्यम से नाम महिमा का वर्णन किया। अंत में प्रहलाद जी की कथा सुनाई । इस दौरान श्रोतागण ज्ञान की गंगा में डूबे रहे।

श्री देवीसहाय परिवार की ओर से आयोजित इस कथा में व्यास पंडित श्री बृजभूषण जी ने श्रोताओं को विदुर मैत्रेय संवाद का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि कामनाओं की अधिकता होने के कारण परिणाम में हमें दुख मिलता है। व्यास ने जडभरत जी की सुंदर और ज्ञानात्मक प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को अपने मन को शान्त करते हुए भगवान के भजन में ही अत्यधिक समय व्यतीत करना चाहिए। उन्होंने गुरू की महिमा के बारे में बताते हुए कहा कि गुरू के बिना कोई भी कार्य संभव नहीं है। भगवान को भी मृत्युलोक में गुरू की आवश्यकता हुई और ध्रुव जी ने मात्र 6 महीने में भगवान के दर्शन किए। कथा के दौरान श्रोतागण मंत्रमुग्ध नजर आए। इस कथा के पहले दिन पूरे गांव की परिक्रमा लगाई गई।