हरियाणा की डायरी: आखिर क्या है तरुण भंडारी की राजनीतिक ताकत?

हरियाणा की डायरी: आखिर क्या है तरुण भंडारी की राजनीतिक ताकत?

Haryana Diary

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हरियाणा की डायरी
सचित्र/संपादकीय पृष्ठ हेतु

प्रस्तुति: चन्द्र शेखर धरणी
वरिष्ठ/स्वतंत्र पत्रकार

आखिर क्या है तरुण भंडारी की राजनीतिक ताकत?

आजकल मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव तरुण भंडारी की चर्चा उनके पुराने दल कांग्रेस के नेता भी करने लगे है कि आखिर क्या चीज हैं भंडारी।जिसके साधु संतों,महंतो,डेरे के प्रमुखों,नाचने गाने वाले गायकों,राजनैतिक हस्तियों सभी में अच्छे संबंध है। उल्लेखनीय है कि जब अशोक तंवर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष थे तब भंडारी कोषाध्यक्ष थे।कांग्रेस के अंदर भी जब रहे तब भी इनका जो विरोधी धड़ा था,आज वही इस चर्चा में ज्यादा मशगूल हैं। तरुण भंडारी ने भाजपा में मनोहर लाल के नेतृव में जब से ज्वाइन किया तब से कांग्रेस में ही सबसे ज्यादा तोड़ फोड़ की। राज्य सभा चुनावों में अपने राजनैतिक कौशल का परिचय दे विधायकों से क्रास या रिजेक्ट वोटिंग करवा अपना सिक्का जमाया।

रिश्ते निभाने की कला में अनिल विज का नहीं कोई मुकाबला

हरियाणा के ऊर्जा,परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज परिवारीक,मित्रता व राजनैतिक धर्म निभाना बखूबी जानते है।इनके भाई राजेंद्र विज की बाई पास सर्जरी थी तो फोर्टिस में तब तक मौजूद रहे जब तक डॉक्टर्स ने सर्जरी करके अच्छी खबर नहीं सुनाई।भाई का धर्म निभाया।उसी दिन धर्म संकट यह था कि इनके पारिवारिक मित्र व केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा अंबाला में थे।भाई की सर्जरी खत्म होने के बाद मित्र धर्म निभाने अंबाला निकल गए।नड्डा से मिले व उनकी वापसी पर उन्हें रेलवे स्टेशन छोड़ कर आए।इसी प्रकार राजनैतिक धर्म निभाने कुछ दिन पहले पी जी आई में उपचाराधीन अपने भाई को छोड़ उस वक्त अम्बाला चले गए जब इन्हें सूचना मिली कि हजारों बिजली कर्मी उनसे मिलने उनके घर जा रहे है।फ्रंट कोई भी अनिल विज का बेबाक अंदाज कर्मचारियों में जाकर देखने को मिला।जब की सुरक्षा एजेंसियां उन्हें वहां जाने से रोक रही थी।

नायब सैनी पर मोदी-शाह का अटूट विश्वास

नायब सिंह सैनी के दोबारा मुख्यमंत्री बनने (अक्टूबर 2024) के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार हरियाणा आ रहे हैं जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन बार आ चुके हैं।भाजपा केंद्रीय सरकार व राष्ट्रीय नेतृत्व के दो प्रमुख स्तंभ पी एम मोदी व गृह मंत्री अमित शाह 90 विधानसभा वाले व 10 लोकसभा वाले हरियाणा राज्य में नायब सैनी के दुबारा सी एम बनने के बाद पूरा ध्यान केंद्रित रखते है।इससे यह भी अंदाजा लगता है कि केंद्रीय नेतृत्व के लिए दिल्ली के तीनों तरफ बसा हरियाणा कितना महत्वपूर्ण है।यही नहीं दुबारा सी एम बनने के बाद मोदी और शाह ने नायब सिंह सैनी पर सदैव पूरा भरोसा दिखाते हुए जहां अब पंजाब चुनावों से पहले पूरी कमान दे रखी है,वही अतीत में दिल्ली,बिहार व अन्य राज्यों में भी प्रमुख चुनाव प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी दी।

17 जुलाई को हरियाणा से विकास की ऐतिहासिक सौगात देंगे प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा में 17 जुलाई होने वाला दौरा इतिहास के पन्नों में एक नई ईबारत लिखेगा। पीएम मोदी इस दौरान जहां देश को हाइड्रोजन ईंधन से से चलने  वाली पहली ट्रेन की सौगात देंगे। जिसका संचालन प्रदेश के जींद जिले से सोनीपत तक होगा।  जो की पूरी तरह से पर्यावरण की हितैषी होगी ।इसके अलावा कुरुक्षेत्र में  रेलवे का एलिवेटेड ट्रैक भी जनता के लिए सुचारु किया जाएगा जहां कुरुक्षेत्र में लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी साथ-साथ कई अन्य सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी। वही सिखों के सभी 10 गुरुओं के जीवन की संबंधित सभी जानकारी डिजिटल लाइब्रेरी , लाइट और साउंड सिस्टम से सुसज्जित संग्रहालय की  आधारशिला भी रखी जाएगी। 

पीएम मोदी के दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी  और और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी तथा तमाम अफसर शाही लाव लश्कर सहित कार्यक्रम को सफल बनाने और उसकी तैयारियों मे दिन रात जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अर्चना गुप्ता भी मोदी के इस दौरे को लेकर कार्यकर्ताओं और प्रदेश वासियों निमंत्रण देते हुए कुछ इस तरह से संबोधित कर रही हैं। मोदी न तो चाला पाड़ दिया,, इब पानी ते रेल चला दी ,,,, आप सब न आणा है ,, थारा चूल्हा न्योत सै।  यही नहीं उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अब  गढ़ किसी का नहीं रहा। आने वाले समय में भाजपा बड़ौदा हल्के में भी जीत का परचम लहराएगी और हुड्डा को हराने का काम करेंगे।

जींद रैली की कमान फिर भरोसेमंद संजय भाटिया के हाथों में

वर्तमान में राज्यसभा सांसद और करनाल लोकसभा से पूर्व सांसद संजय भाटिया को जींद में होने वाली रैली का संयोजक बनाया गया है। उनके साथ-साथ जींद जिले से ही कैबिनेट मंत्री में मनोहर और नायब के चहेते कृष्ण बेदी कार्यक्रम की सफलता को लेकर मोर्चा संभाले हुए हैं। उल्लेखनीय है कि संजय भाटिया को इससे पूर्व में भी प्रदेश स्तरीय बड़े-बड़े कार्यक्रमों का संयोजक बनाया गया है। यही नहीं लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने देश में बड़ी जीत दर्ज कर राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का काम किया था। इसके अलावा उनके रैली स्थल में हथोड़ा चलाने का वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है।

क्या नए प्रभारी संजय दत्त खत्म कर पाएंगे कांग्रेस की गुटबाजी?

आजकल हरियाणा के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को संजय दत्त के रूप में नया प्रदेश प्रभारी मिल गया है। जिन्होंने अपना कार्यभार भी संभालते हुए धरातल पर काम करना शुरू कर दिया है। इसी दौरान चंडीगढ़ प्रदेश कार्यालय में जब कांग्रेस के दिग्गज मौजूद थे तो इस दौरान जहां भूपेंद्र हुड्डा ने रणदीप सुरजेवाला से कहा कि एक बार आप साथ दे दो फिर प्रदेश में सरकार कांग्रेस की होगी। इस पर तपाक से सुरजेवाला ने भी हुड्डा को जवाब देते हुए कहा कि हम तो 20 साल से आप ही के साथ हैं ।हुडा साहब अब तो आप हमारा साथ दो। वहीं दूसरी ओर कुमारी शैलजा ने पार्टी और संगठन को मजबूत करने की बात कहते हुए नए प्रभारी की नियुक्ति पर भी चुटकी ली। अब यह तो आने वाला समय बताएगा कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के नेता खुद से अधिक पार्टी और संगठन को कब तरजीह देंगे। हालांकि भूपेंद्र हुड्डा और वीरेंद्र सिंह दोनों एक दूसरे से हाथ मिलाते हुए और इकट्ठे बैठे नजर आए।

संजय दत्त की अग्नि परीक्षा शुरू

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय चंडीगढ़ में पहली बार मीटिंग ले रहे प्रदेश प्रभारी संजय दत्त के सामने ही कांग्रेस नेताओं की एक दूसरे को लेकर बयान बाजी और गुटबाजी देखने को मिली। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संजय दत्त कांग्रेस को खोई जमीन वापस दिलाने में और सभी कांग्रेसियों को एकजुट करने में सफल होंगे या फिर पूर्व की तरह लगाए गए अन्य प्रभारियों जैसे हाथ को बिना मजबूत किया खाली हाथ लौट जाएंगे।

मंच पर हाथ मिलाते नजर आए ट्रेजेडी किंग और हुड्डा

हरियाणा की राजनीति में ट्रेजेडी किंग के नाम से मशहूर पूर्व केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कुर्सियां जहां साथ-साथ थी वहीं दोनों नेताओं ने एक दूसरे के साथ हाथ भी मिलाया। उल्लेखनीय है कि भूपेंद्र हुड्डा के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुड्डा और डूमरखा में राजनीतिक दूरियां बढ़ती चली गई थी जो बाद में इतनी बड़ी की डूमर खा ने कांग्रेस को ही अलविदा कह दिया था। वैसे रिश्तेदारी में दोनों कजिन भी हैं।लेकिन इस बार उनके पुत्र पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह द्वारा शुरू की गई पैदल यात्रा मैं राहुल गांधी के शिरकत करने से उनका कद प्रदेश की राजनीति और गांधी परिवार में फिर से बढ़ गया है।