उत्तर प्रदेश में हर गांव में खुलेंगे ‘गोपैथी सेंटर’, गो संरक्षण से जुड़ेगा रोजगार और चिकित्सा मॉडल
'Gopathy Centers' to Open in Every Village in Uttar Prades
लखनऊ। 'Gopathy Centers' to Open in Every Village in Uttar Prades, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, वैज्ञानिक कृषि और अत्याधुनिक चिकित्सा अनुसंधान से जोड़कर एक अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक मॉडल पेश करने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने अब राज्य के हर गांव में “गोपैथी सेंटर” स्थापित करने की अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य प्राचीन पंचगव्य आधारित चिकित्सा पद्धति को आधुनिक वैज्ञानिक पहचान दिलाना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार व आर्थिक समृद्धि का एक मजबूत डिजिटल और जमीनी नेटवर्क तैयार करना है।
पंचगव्य से असाध्य बीमारियों का इलाज
उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे इस नए चिकित्सा मॉडल को आयुष (AYUSH) और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से सीधे जोड़ा जा रहा है। आयुर्वेद की प्राचीन परंपराओं के अनुसार, गाय से प्राप्त पांच अमृत तत्वों—दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर—के मिश्रण से तैयार उत्पाद मधुमेह (डायबिटीज), माइग्रेन, लकवा (पैरालिसिस), हृदय रोग और त्वचा संबंधी गंभीर विकारों में मुख्यधारा की चिकित्सा के साथ एक प्रभावी पूरक (Supplementary) भूमिका निभा सकते हैं। इसे चिकित्सा जगत में “गोपैथी थेरेपी” के नाम से जाना जाता है, जिस पर बड़े पैमाने पर क्लीनिकल अध्ययन किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई है।
गोशालाएं बनेंगी ग्रामीण उद्योगों की रीढ़
योगी सरकार की इस योजना का एक बड़ा सिरा ग्रामीण विकास और सूक्ष्म उद्यमिता से जुड़ा है। अब प्रदेश की गोशालाएं महज संरक्षण केंद्र न रहकर जैविक कृषि और पंचगव्य उत्पाद निर्माण के औद्योगिक केंद्रों के रूप में काम करेंगी। इसके तहत ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और स्थानीय किसानों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। गांव के स्तर पर ही पंचगव्य आधारित रोज़मर्रा के उत्पाद जैसे मंजन, औषधीय मरहम, अर्क और साबुन तैयार किए जाएंगे। सरकार इन उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए एक मजबूत सप्लाई चेन भी विकसित कर रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का नया चक्र शुरू होगा।
देश का सबसे बड़ा गोपैथी सेंटर बनेगा यूपी
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने इस नीति पर मुहर लगाते हुए कहा कि यह मॉडल इतने व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश बहुत जल्द पूरे देश में 'गोपैथी सेंटर' का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार हो रहा यह गो-आधारित मॉडल न केवल बेसहारा गोवंश को सुरक्षित और उपयोगी बनाएगा, बल्कि आने वाले समय में पर्यावरण अनुकूल कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता के मामले में पूरे देश के सामने एक अद्वितीय उदाहरण पेश करेगा।