विधान परिषद में महिला आरक्षण पर तीखी बहस, सत्ता और विपक्ष आमने-सामने
Fierce debate on women's reservation in the Legislative Council
लखनऊ। विधानमंडल के विशेष सत्र में नारी सशक्तिकरण विषय पर चर्चा के दौरान गुरुवार को विधान परिषद में नेता सदन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर प्रहार किए। उपमुख्यमंत्री कहा कि सपा और कांग्रेस का चरित्र महिला विरोधी है। महिलाओं को अधिकार देने के लिए लाए गए नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पास नहीं होने दिया।
लोकसभा में धर्म के आधार पर आरक्षण मांगा। क्या कांग्रेस और सपा यह चाहती हैं कि केवल गांधी और सैफई खानदान की ही महिलाएं सदन में जाएं। उन्होंने कहा कि आपने जो पाप किया है, उसके लिए महिलाओं के श्राप से आपको कोई नहीं बचा सकता।
सपा ने समर्थन देकर कराया पास
वहीं, नेता विरोधी दल लाल बिहारी यादव ने कहा की महिला आरक्षण का बिल पहले ही संसद में पास हो चुका है, सपा ने समर्थन देकर इसे पास कराया था। भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन करना चाहती थी, जिसको सपा ने रोका है। भाजपा इसके नाम पर सबको गुमराह कर रही है।
चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। संविधान में धार्मिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था नहीं है, परंतु सपा ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण की मांग के आधार पर संसद में इस बिल का विरोध किया।
सपा महिला विरोधी है, दो जून 1995 का स्टेट गेस्ट हाउस कांड इसका उदाहरण हैं। इनके नेता पहले बयान देते थे कि लड़कों से गलती हो जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा ने मुसलमानों के लिए भी कुछ नहीं किया, उनको वोटबैंक बनाकर रखा। जबकि भाजपा की नीति है गरीब-गरीब एक समान, हिंदू हों या मुसलमान। सपा के राज में भेदभाव होता था।
महिला अपराधों में बढ़ोतरी के आंकड़े गिनाए
वहीं नेता विरोधी दल ने महिला अपराधों के बढ़ोतरी के आंकड़े गिनाए। कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं के विरुद्ध अपराध बढ़ रहे हैं। भाजपा और उसके सहयोगी सामंतवादी सोच के हैं, वे महिलाओं को सम्मान नहीं देना चाहते। मुलायम सिंह यादव ने महिलाओं को आरक्षण का अधिकार दिया था। फूलन देवी को भी संसद पहुंचाया था। हमारी मांग है कि पहले जनगणना हो, फिर परिसीमन हो। सपा के राजेंद्र चौधरी ने कहा कि सपा, महिला आरक्षण के समर्थन में है। यूपी में रोज असत्यवाणी होती है, ये राजनीतिक-सामाजिक अपराध है।
शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि लोकसभा में विधेयक को गिराने का औचित्य नहीं था। यह विधेयक न केवल समय की मांग थी बल्कि भारत की संकल्पना का आधार था। भाजपा की डा. प्रज्ञा त्रिपाठी ने कहा कि बिल पास न होने देना महिलाओं का अपमान है। महिला समाज, सपा के इस अपराध को कभी नहीं भूलेगा। भाजपा की रमा निरंजन ने कहा कि वर्तमान सरकार हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर रही है।
भाजपा की वंदना वर्मा ने क्या कहा?
भाजपा की वंदना वर्मा ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में नारी शक्ति का योगदान प्रमुख है। भाजपा के भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि सपा, यूपी को गाली देकर राजनीति करने वाली डीएमके के सुर में सुर मिलाती हैं। अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण को तुष्टिकरण की दृष्टि से देखा और उसका विरोध किया।
राज्य मंत्री महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार प्रतिभा शुक्ला, भाजपा के देवेंद्र प्रताप सिंह, रालोद के योगेश चैधरी, सुभासपा के विच्छे लाल राम आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पहले सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने पूर्व विधान परिषद सदस्य अरुण कुमार सिंह ’मुन्ना’ और आनंद भूषण सिंह उर्फ बब्बू राजा के निधन की सूचना दी और सदन में कुछ क्षण का मौन रखा गया।
खूब हुई नोंकझोंक
चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अखबार दिखाया तो सपा के सदस्यों में विरोध जताया। इसे लेकर काफी देर तक नोंकझोंक हुई, बाद में सभापति ने सभी को अखबार न लाने की हिदायत दी। वहीं राजेंद्र चौधरी द्वारा भाजपा को प्रस्ताव को संविधान विरोधी बताने पर जमकर टोका-टोकी और बहस हुई। सपा सदस्य ने कहा कि वर्ष 2027 में जब ये विपक्ष में अा जाएंगे तो कुछ नहीं बोलेंगे।