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कृषि अध्यादेशों के खिलाफ पंचकूला से पलवल तक एक हुए किसान
कृषि अध्यादेशों के खिलाफ पंचकूला से पलवल तक एक हुए किसान

कृषि अध्यादेशों के खिलाफ पंचकूला से पलवल तक एक हुए किसान

हरियाणा के सभी जिलों में दिनभर जाम रही सडक़ें

किसानों के आगे लाचार नजर आई खाकी

सीएम, डीजीपी,गृहसचिव दिनभर लेते रहे सभी जिलों से रिपोर्ट

चंडीगढ़। एक तरफ रविवार को केंद्र सरकार ने राज्यसभा में कृषि अध्यादेश पास करवाए तो दूसरी तरफ हरियाणा के हजारों किसान सडक़ों पर उतर आए। हरियाणा में दिनभर पंचकूला लेकर पलवल तक और मेवात से लेकर सिरसा तक न केवल सडक़ें जाम रही बल्कि किसानों ने शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन भी किए। कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

भारतीय किसान यूनियन ने हरियाणा के 17 संगठनों के सहयोग के साथ रविवार को चक्का जाम करने का ऐलान किया था। जिसे लेकर प्रदेश की पुलिस व सरकार शनिवार रात से ही सतर्क थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पुलिस महानिदेशक मनोज यादव तथा गृहसचिव विजय वर्धन सभी जिलों से पल-पल की अपडेट लेते रहे। पूरे प्रदेश में बीस हजार से अधिक पुलिस के जवान तैनात किए गए थे।

राजधानी चंडीगढ़ से सटे जिला पंचकूला में किसानों ने दोपहर करीब 12 बजे बरवाला के निकट चंडीगढ़-यमुनानगर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और किसी भीषण गर्मी के बीच सडक़ के बीचो-बीच बैठ गए। किसानों ने कई घंटे तक यहां सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए कृषि अध्यादेश की प्रतियां भी फाड़ी।

अंबाला में किसानों ने कुछ समय के लिए अंबाला-चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया। उसके बाद पुलिस अधीक्षक व जिला उपायुक्त द्वारा बातचीत किए जाने के बाद किसान मुख्य मार्ग से हट गए और सडक़ किनारे बैठ कर अपना विरोध दर्ज करवाया। अंबाला जिला के नारायणगढ़ में भी किसानों ने सडक़ के बीचो-बीच ट्रालियां लगाकर जाम लगा दिया। किसानों के इस प्रदर्शन का स्थानीय नेताओं ने समर्थन किया।

कुरूक्षेत्र, पिपली,शाहाबाद व पिहोवा में भी चक्का जाम का असर दिखाई दिया। शाहबाद के विधायक रामकरण काला भी किसानों का समर्थन देने के लिए पहुंचे।
जींद जिला में किसानों के चक्का जाम का बड़ा असर देखने को मिला। यहां किसानों ने बरौदा, अलेवा आदि स्थानों पर सडक़ के बीचो बीच ट्रालियां खड़ी करके जाम लगा दिया। किसानों ने जींद से पटियाला, दिल्ली व करनाल आदि की तरफ जाने वाले सभी मार्गों को बंद करके रखा। इस बीच भारी संख्या में वाहन यहां फंसे रहे।
ऐसी ही स्थिति हिसार में बनी रही यहां किसानों ने मैय्यड़ में जाम लगाकर मुख्य सडक़ों को रोक दिया। अग्रोहा में किसानों ने केंद्र व राज्य सरकार का पुतला फूंका। फतेहाबाद में किसानों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर नौ पर चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली सडक़ें जाम की गई।

सिरसा से दिनभर तनावपूर्ण स्थिति की खबरें आती रही। यहां किसानों ने पंजुआना के निकट टोल प्लाजा पर जाम लगाया तो भारी संख्या में ट्रैफिक रूक गया। किसानों ने सिरसा से पंजाब,राजस्थान व चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली सडक़ों पर जाम लगाया। करनाल,पानीपत व सोनीपत मुख्य मार्गों पर स्थिति नियंत्रण में रही लेकिन गोहाना में किसानों ने रोहतक की तरफ जाने वाले मार्ग पर जाम लगाया। हरियाणा के अंतिम छोर पर बसे जिला मेवात में किसान संगठनों ने शांतिपूर्वक ढंग से रोष मार्च किया। सोनीपत जिला के खरखौदा स्थित बाईपास पर किसानों ने कई घंटे तक जाम लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया। कैथल में भी किसानों ने तितरम मोड़ पर बैठकर प्रदर्शन किया और चंडीगढ़ व हिसार की तरफ जाने वाली सडक़ों पर किसानों ने जाम लगाया।

किसान आंदोलन में पुलिस व सरकार की हुई परीक्षा

हरियाणा में रविवार को किसान आंदोलन के दौरान प्रदेश सरकार तथा पुलिस के संयम की परीक्षा हुई। कई जिलों से मिल रही खबरों के मुताबिक कई बार उग्र माहौल हुआ लेकिन पुलिस को कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई थी कि वह लाठीचार्ज नहीं करेंगे। जिसके चलते जिला पुलिस अधीक्षक बार-बार जवानों को निर्देश देते रहे कि कोई भी कर्मचारी व अधिकारी प्रदर्शन के दौरान अपना संयम नहीं खोएगा और स्थिति को बेहद सामान्य तरीके  से नियंत्रित किया जाएगा।

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