वेब सीरीज 'घूसखोर पंडित' पर मचा बवाल; भड़क उठे ब्राह्मण, विरोध थाना-कोर्ट तक पहुंचा, कहा- ब्राह्मण समाज को टारगेट किया जा रहा
Big Controversy Over Web Series Ghooskhor Pandat Brahmin Community Angry
Ghooskhor Pandat: नेटफ्लिक्स वेब सीरीज 'घूसखोर पंडित' को लेकर बवाल मचा हुआ है। ब्राह्मण समाज में जमकर नाराजगी देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 'घूसखोर पंडित' के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश के आरोप में मामला दर्ज कराया गया है। वहीं दूसरी तरफ इस फिल्म को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका तक दाखिल कर दी गई है और फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का शीर्षक अपमानजनक और साजिशन ब्राह्मण समाज की गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है। ब्राह्मणों का कहना है कि इस फिल्म में ब्राह्मण समाज को जानबूझकर टारगेट किया गया है। बता दें कि 'घूसखोर पंडित' को लेकर सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज को उबलते हुए देखा जा रहा है। ब्राह्मण समाज के लोग सवाल कर रहे हैं कि 'घूसखोर पंडित' के नाम पर फिल्म बनाने वाले क्या दूसरे धर्म/समुदायों/जातियों के विषय में इसी अंदाज में नाम लेकर फिल्म बना सकते हैं?
पूर्व CM मायावती ने रोक लगाने की मांग की
उत्तर प्रदेश की पूर्व CM मायावती ने भी इस फिल्म को ब्राह्मणों का खिलाफ बताया है। मायावती ने कहा, यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यूपी में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी 'पंडत' को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। बीएसपी की यह मांग है कि ऐसी इस जातिसूचक फिल्म (वेब सीरीज) ’घूसखोर पंडत’ पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये। साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

'घूसखोर पंडित' के डायरेक्टर का बयान
बवाल और विरोध पैदा होने के बाद आखिर वेब सीरीज 'घूसखोर पंडित' के डायरेक्टर नीरज पांडे का बयान भी सामने आ गया है। नीरज पांडे का कहना है कि ये एक ड्रामा फिल्म है और 'पंडित' शब्द का इस्तेमाल सिर्फ़ एक फिक्शनल कैरेक्टर के लिए बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है। बढ़ते विरोध को देखते हुए नीरज पांडे ने यह भी बताया है कि यह फैसला लिया गया है कि फिलहाल 'घूसखोर पंडित' से संबन्धित सभी प्रमोशनल मटेरियल को हटा दिया जाएगा। पांडे ने कहा कि फिल्म के कुछ हिस्सों को देखकर इसे जज न किया जाए।"
दरअसल डायरेक्टर नीरज पांडे ने कहा, ''अपनी फिल्म 'घूसखोर पंडित' पर ऑफिशियल बयान जारी किया है, उन्होंने कहा, "हमारी फिल्म एक फिक्शनल कॉप ड्रामा है, और 'पंडित' शब्द का इस्तेमाल सिर्फ़ एक फिक्शनल कैरेक्टर के लिए बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है... हम समझते हैं कि फिल्म के टाइटल से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है, और हम सच में उन भावनाओं को समझते हैं। इन चिंताओं को देखते हुए, हमने फिलहाल सभी प्रमोशनल मटेरियल हटाने का फैसला किया है क्योंकि हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए और उस कहानी के कॉन्टेक्स्ट में समझा जाना चाहिए जो हम बताना चाहते थे, न कि कुछ हिस्सों को देखकर जज किया जाए।"
'घूसखोर पंडित' में मनोज बाजपेयी
नेटफ्लिक्स वेब सीरीज 'घूसखोर पंडित' जहां डायरेक्टर नीरज पांडे के निर्देशन में बनी है तो वहीं इस सीरीज में मशहूर बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं। ब्राह्मण समाज के लोगों का यह भी कहना है कि डायरेक्टर नीरज पांडे और एक्टर मनोज बाजपेयी दोनों ही ब्राह्मण समाज से हैं लेकिन फिर भी इस तरह की सीरीज बनाई गई। इसके लिए इन्हें शर्म नहीं आई? बता दें कि बॉलीवुड हो या OTT के प्लेटफार्म। लगातार कई ऐसी फिल्में बनाई जा रहीं हैं, जो विवादों का सामना कर रहीं हैं। कहीं टाइटल को लेकर तो कहीं फिल्म में दर्शाये गए सीन विवादों का कारण बन रहे हैं।